
ख़बर पौड़ी पैठाणी से है जहा एक नोजवान युवक ने संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली आपको बता दे कि युवक की आत्महत्या के बाद युवक के परिजनों को पता चला कि युवक का सेना में चयन हो गया था। ओर इस नोजवान युवक को नियुक्ति पत्र आने का इंतजार था. आपको बता दे कि अभीतक युवक के आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। युवक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए जांच की मांग की है.
आपको बता दे की मिली जानकारी के अनुसार युवक का नाम पूरण सिंह जो (19) साल के थे ओर पैठाणी के नौगांव का रहने वाला था. बताया जा रहा है कि पूरण 31 अगस्त को घर से जंगल जाने की बात कहकर निकला था. कई दिनों तक घर नहीं लौटने के बाद जब परिजनों ने पूरण की तलाश की. ढूंढने के बाद भी जब पूरण का पता नहीं लगा तो परिजनों ने पैठाणी थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई. फिर जिसके बाद पुलिस ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर पूरण की तलाश शुरू की. ओर पूरे पांच दिन बीत जाने के बाद मंगलवार की शाम बंगाली गांव के जंगल में पूरण का शव पेड़ से लटका मिला. ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेजा. पुलिस इसे प्रथमदृष्ट्या आत्महत्या का मामला मान कर चल रही है. अभीतक आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है.
आपको बता दे कि पूरण की आत्महत्या के बाद परिजनों को सूचना मिली कि उसका चयन भारतीय सेना में हो गया है. उसे अब सिर्फ नियुक्ति पत्र मिलना बाकी रह गया था. पूरण अपने परिवार का इकलौता चिराग था. पूरण के पिता ने हत्या की साजिश की आशंका जताई है. वहीं इस मामले में पौड़ी के सीओ धन सिंह तोमर ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पुलिस मामले की खोजबीन में लग गई है. बहराल दुःख होता है जब घर का चिराग बूझ जाता है और अगर हत्या हुई है तो ये ओर भी दुःखद बात है।और यदि नोजवान ने आत्महत्या की तो ये ओर भी दुःखद बात है क्योकि जिस तरह से लगातार अब पहाड़ो से भी आत्महत्या जैसे मामले बढ़ रहे है वो इस बात को कहता है कि पहाड़ मे रहने वाले लोग हर हालत के लिए मजबूत होते है और अगर वो मानसिक रूप से कमजोर होकर इस तरह के कदम उठा रहे है तो ये पहाड़ के लिए अच्छा संदेश नही ओर ना ही उत्तराखंड के लिए ।




