
हरिद्वार। आइपीएल सट्टेबाजी की लत और महंगे शौक पूरे करने की चाहत ने बीएससी के छात्र को वाहन चोर गिरोह का सरगना बना दिया। गुरुकुल कांगड़ी विवि में बीएससी की पढ़ाई कर रहे वकुल ने ज्वालापुर के आंबेडकरनगर में किराए पर कमरा लिया हुआ था। बाइक चोरी की घटना को अंजाम दिलाने के लिए वह अपने गांव महेश्वरी के अलावा लक्सर और सहारनपुर से साथियों को बुलाता था। चोरी की बाइकें महज पांच से सात हजार रुपये में देहात क्षेत्र में बेच दी जाती थी।
पूछताछ में वकुल ने बताया कि वह आइपीएल मैच में सट्टा लगाने का आदी हो गया था। उसे सट्टे के लिए जब भी पैसे की जरूरत होती, अपने साथियों को बुला लेता था। बाइक चोरी कर बेचने के बाद आपस में पैसे बांट लेते थे। ताज्जुब की बात यह है कि चोरी की बाइक होने की जानकारी के बावजूद लोग लालच में बाइकों को खरीद लेते थे।
पूछताछ के बाद पुलिस ने जब बाइक खरीदने वालों के घरों पर दबिशें दी तो हड़कंप मच गया। लोग हाथ जोड़कर बाइक पुलिस को सौंपते नजर आए। हालांकि, पुलिस ने उनके खिलाफ फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की है, अलबत्ता जानकारी के बावजूद चोरी की बाइक खरीदने पर नियमानुसार उन पर कार्रवाई हो सकती है। वकुल ने बताया कि बाइक बेचने से पहले उसकी नंबर प्लेट हटा देते थे। खरीदने वाले को यह बता दिया जाता था कि बाइक केवल गांव में ही चलानी है। इसलिए वह सतर्कता से चोरी की बाइक चलाते थे।





