त्रिवेंद्र सरकार के सबसे अनुभवी कैबिनेट मंत्री हरक सिंह आज सदन मैं बोले मैं एक्सपर्ट नहीं हूँ ओर फिर …..

विधानसभा सत्र के पहले दिन त्रिवेंद्र सरकार के मंत्री हरक सिंह रावत दोपहर तक सदन मैं छाए रहे ओर त्रिवेंद्र सरकार के विधायक कहे या भाजपा के विद्यायक जिन्होंने अपने मंत्री को घेरने का सदन में पूरा काम किया
आरम्भ हुवा यू कि निर्दलीय विधायक प्रीतम सिंह ने विलुप्त होते जीवों पर सवाल पूछा और वन मंत्री के जवाब से वे संतुष्ट नहीं हुए. जिसके बाद उन्हें सत्ता पक्ष के विधायक मुन्ना सिंह चौहान का भी जबर्दस्त साथ मिल गया ।फिर मंत्री हरक सिंह रावत भी बोल पढ़े कि मै ब एक्सपर्ट नहीं है जो अधिकारियों ने बताया वही बोल रहा हूँ।.
इसके बाद विलुप्त होती जीव जंतुओं पर चर्चा के दौरान ही निर्दलीय विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने वन मंत्री हरक सिंह से पूछा  कि क्या प्रदूषण के कारण जीव जंतुओं की प्रजातियां विलुप्त हो रही हैं?
फिर इसका जवाब देते हुए वन मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड में 3,748 जीव-जंतुओं में से कोई भी प्रजाति विलुप्ति के कगार पर नहीं है. उन्होंने कहा कि पिछले 2 दशक में कोई भी प्रजाति लुप्त नहीं हुई है जिसके बाद प्रीतम सिंह वन मंत्री के जवाब से सन्तुष्ट नहीं हुए तो उन्हें भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान का भी जमकर साथ मिल गया.
तो भाजपा विद्यायक चौहान ने वन मंत्री हरक के जवाब पर सवाल उठाते हुए कहा कि कहा ऐसा नहीं हो सकता, गिद्ध जैसे जीव लगातार कम हो रहे हैं।
फिर वन मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि जीव जन्तुओं की सटीक गणना नहीं हुई है क्योंकि इसका कोई तरीका अभी तक नहीं है।फिर मुन्ना सिंह चौहान ने इस मामले को गंभीर बताया और कहा कि वन विभाग के पास सभी जीव जंतुओं के विलुप्ति के सटीक आंकड़े होने चाहिए।
तो वही फिर प्रीतम सिंह ने मोबाइल टावरों से पक्षियों को नुकसान होने को लेकर भी वन मंत्री हरक सिंह रावत से सवाल दाग दिया ।
ओर उस दौरान फिर मंत्री हरक सिंह ने इन सवालों से तंग आकर कह दिया कि “मैं कोई एक्स्पर्ट नहीं, जो सटीक जानकारी दूं. ।
ओर वन विभाग के अधिकारियों ने जो आंकड़े जीव जंतुओं की विलुप्ति और गणना को लेकर दिए हैं, उन्हें ही सदन में रख रहा हूं.” वही आपको बता दे कि इससे पहले चकराता विधायक और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भी लालढांग चिल्लरखाल मोटर मार्ग का लेकर मंत्री से सवाल पूछा कि इसका निर्माण कब तक पूरा कर लिया जाएगा.
इस सवाल के जवाब मैं वन मंत्री हरक सिंह ,
ने जवाब दिया कि वन मंत्रालय भारत सरकार और अन्य संस्थाओं से अभी मार्ग निर्माण को लेकर अनुमति मांगी जा रही है और सड़क का काम लगभग 70 फीसदी पूरा हो चुका है।बस फिर क्या था इसके बाद प्रीतम सिंह ने पूछा लिया कि क्या बिना एनओसी लिए ही सरकार ने काम करवा दिया  और 9 करोड़ 95 लाख बहा दिए? तब वन मंत्री हरक सिंह ने जवाब दिया कि हमने सभी ज़रूरी मानक पूरे किए थे. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हमने स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड  से पास कराकर केंद्र को भेज दिया है. उन्होंने कहा कि 17 दिसंबर को नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड की बैठक है। उम्मीद है कि इसमें परमिशन मिल जाएगी। आज सदन की पहले दिन की कार्यवाही के दौरान सवाल जवाब के दौरान ये भी महत्वपूर्ण पार्ट रहा।

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