हरीश रावत की फेसबुक पोस्ट से कांग्रेस में आया भूचाल
ऐसा क्या लिखा है हरीश रावत ने अपनी फेसबुक पोस्ट में? पढ़िए इस खबर में…
देहरादून। हरीश रावत जब भी फेसबुक पर कुछ लिखते हैं तो ऐसा लिखते हैं कि उसका असर दूर तक दिखाई भी देता है और सुनाई भी। उनकी लिखी पोस्ट सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल होती हैं। उनके समर्थक जहां उसे खूब शेयर करते हैं वहीं लोग भी उस पर अपनी राय खुलकर रखते हैं। ऐसा एक बार फिर हुआ है। लोकसभा चुनाव का दंगल शुरू होते ही किस्मत आजमाने वाले नेताओं में जुबानी जंग भी शुरू हो गई है। अपनी दाबेदारी को पुखता करने के लिये नेता हर हथकंडे अपनाते हुए दिखाई दे रहे हैं। सबसे दिलचस्प नजारा देखने को मिल रहा है हरिद्वार लोकसभा सीट पर। जहां दावेदारी पुख्ता करने को लेकर बाहरी और भीतरी की सियासत देखने को मिल रही है। हरिद्वारा जिला कांग्रेस ने लोकसभा में बाहरी प्रत्याशी का विरोध करते हुए भीतरी प्रत्याशी यानि स्थानीय प्रत्याशी केा ही टिकट देने की मांग की है। वकायदा जिला कांग्रेस ने प्रदेश कांग्रेस को तीन नामों का पैनल बनाकर भी भेज दिया है इसमें पूर्व जिला अध्यक्ष संजय पालीवाल, पूर्व मंत्री राम सिंह सैनी, पूर्व सांसद हरिपाल का नाम शामिल हैं। इस पैनल के बाद सियासत गर्मा गई है। हरीश रावत ने बाहरी-भीतरी पर तंज कसते हुए एक पोस्ट अपनी फेसबुक पेज पर डाली है। जिसमें उन्होंने हरिद्वार कांग्रेस के नेताओं को लेकर कई सवाल भी खड़े किये हैं।
हरीश रावत ने अपनी फेसबुक बाॅल पर किया है यह पोस्ट
एक प्यारी सी दिलचस्प बहस चल रही है, बाहरी कौन, भीतरी कौन! बाहरी वो है जो आपकी बकरी, भैंस, बैल का इलाज करवाए, आपका और आपके परिवार का इलाज करवाए, बीज व पौधे बांटे, गन्ने का पूरा भुगतान करे, 3 साल में 16 पुल बनवाए और चमाचम सड़कें बनवाए, नदियों के बंधे बनवाए, अर्ध कुंभ में कुंभ से ज्यादा काम करवाए, डिग्री कॉलेज, पॉलिटेक्निक, मेडिकल कॉलेज आदि स्वीकृत करवाए।
भीतरी कौन, जो सुशील, मूंछ और राठी को जानता हो, भाइयों और पड़ोसियों में मुकदमेबाजी करवाए फिर मध्यस्थ बने, जो गाली देकर बात करे, पार्टी के उम्मीदवार को हराने के लिए किसी से भी मोलभाव करने का गुण रखता हो! परिभाषा ठीक है ना बाहरी व भीतरी।