
हरीश-प्रीतम पर 2022 के विधानसभा चुनाव का दारोमदार
हम सभी जानते है कि कांग्रेस पार्टी प्रभारी देवेंद्र यादव ने शनिवार को पार्टी के तीनों क्षत्रपों पूर्व मुख्यमंत्री व एआईसीसी के महा सचिव हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश को एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में उतरने का पाठ पढ़ाया था।
2022 के विधानसभा चुनाव नज़दीक है पर डॉ. इंदिरा हृदयेश के असामयिक निधन से कांग्रेसी सदमे में हैं। इसे नियति की मार ही कहेंगे कि अपने जिन क्षत्रपों के दम पर कांग्रेस विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही थी, उनमें से एक क्षत्रप इंदिरा हृदयेश अब नहीं रही।
कांग्रेस की पूरी चुनावी सियासत पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह पर केंद्रित हो गई है। ओर कुछ दिन बाद से ही ऐसी कांग्रेस आलाकमान अब राज्य में हरीश रावत का ज्यादा उपयोग करेगा। या कह लीजिए को कांग्रेस उत्तराखंड में अपना मुख्यमंत्री पद का दावेदार के नाम का एलान अब कर सकती है
सूत्र कहते है कि हरीश रावत को विधानसभा चुनाव के लिहाज से कांग्रेस उत्तराखंड में अधिक से अधिक उपयोग कर सकती है
दरअसल, अब कांग्रेस की चुनावी सियासत हरीश रावत और प्रीतम पर केंद्रित हो गई है मतलब हम कह सकते है कि कांग्रेस में हरीश रावत प्रीतम को जोड़ी बन मिशन 2022 के मैदान में उतरना पड़ेगा
बहराल राजनीति में कब क्या हो जाये कह नही सकते लेकिन यदि चुनाव से ठीक पहले दल बदल हो गया तो स्थित फिर कुछ अलग होगी





