हरिद्वार में मेयर अनीता शर्मा के कार्यालय की फोर सीलिंग बृहस्पतिवार को भरभरा कर नीचे आ गई। मेयर और अन्य कर्मचारी बाल-बाल बचे। मेयर दफ्तर दशकों पुराने भवन में बना है। जर्जर छत को ढकने के लिए मेयर के चुनाव से ठीक पहले कार्यालय में फोर सीलिंग लगाई गई थी।

बृहस्पतिवार को मेयर अनीता शर्मा देवपुरा चौक के निकट अपने कार्यालय में कर्मचारियों के साथ बैठी थीं। अचानक छत के फोर सीलिंग की प्लेटें भरभराकर नीचे आ गिरी। मेयर के टेबल पर तीन प्लेटें गिरी। गनीमत रही कि मेयर को कोई चोट नहीं लगी। फोर सीलिंग गिरने की सूचना पर मेयर प्रतिनिधि, पार्षद और कर्मचारी कार्यालय पहुंचे।

मेयर अनीता शर्मा ने बताया कि कार्यालय दशकों पुराना है। चुनाव से ठीक पहले कार्यालय की मरम्मत हुई थी। छत जर्जर हाल में है। बारिश में टपकती भी है। कार्यालय में अंदर से जर्जर छत को छिपाने के लिए फोर सीलिंग लगाई थी। उन्होंने कहा कि आचार संहिता से ठीक पहले तत्कालीन शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने मेयर कार्यालय का नया भवन बनाने का शिलान्यास भी किया था। लेकिन चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की हार होने के साथ नए कार्यालय का निर्माण भी लटका गया है।

मेयर प्रतिनिधि अशोक शर्मा ने आरोप लगाया कि नगर निगम के अधिकारी भी जर्जर कार्यालय की अनदेखी कर रहे थे। अधिकारियों के कार्यालय शानदार बने हैं। सीसीटीवी से लेकर सुविधाओं से लैस हैं। मेयर के कार्यालय के बाथरूम की टोंटी भी खराब होती है तो उसे बदलने के लिए महीनों लग जाते हैं। अशोक शर्मा ने कहा कि घटिया गुणवत्ता की फोर सीलिंग लगाए जाने की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

 

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