
देवभूमि उत्तराखंड में नौ मार्च तक जो नाम मुख्यमंत्री बनने से पहले साधारण था , अनजान था।
ओर वह दस मार्च को जैसे ही मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के तौर पर सामने आया तो
सोशल मीडिया पर लोग उन्हें खूब तलाशने लगे।
तीरथ की सोच और उनकी पोस्ट देखने वालों की संख्या में बीते 6 दिन में जबरदस्त उछाल आया है। फिर चाहे वह फेसबुक हो या ट्विटर,
आये दिन ओर रात तीरथ के कद्रदान बढ़ते जा रहे हैं। 
ट्वीटर अकाउंट पर 9 मार्च को मुख्यमंत्री बनने से पहले तीरथ सिंह रावत के ट्विटर पर उनके फॉलोअर्स 10,536 थे।
10 मार्च को जैसे ही उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली तो उनके फॉलोअर्स बढ़कर 24,131 हो गए। इसके बाद 11 मार्च को 38,407,12 मार्च को 43,784,13 मार्च को 47,229 और 14 मार्च को यह आंकड़ा 49,790 पर पहुंच गया।
फिर 16 मार्च को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के ट्वीटर फॉलोअर्स की संख्या 52,600 पर पहुंच चुकी थी।
ओर 17 मार्च तक ये सख्या
फेसबुक पर भी मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की लोकप्रियता तेजी से बढ़ती जा रही है। मुख्यमंत्री बनने से पहले 10 मार्च को सुबह तक उनके पेज पर लगभग
तीन लाख 75 हजार फॉलोअर्स थे। दस मार्च को जैसे ही उन्होंने शपथ ग्रहण की, उनकी लोकप्रियता फेसबुक पर भी बढ़नी शुरू हो गई।
खबर लिखे जाने तक फेसबुक पर उनके फॉलोअर्स की संख्या चार लाख तीन हजार पर पहुंच चुकी थी।
चर्चा में हैं मुख्यमंत्री तीरथ के यह पांच फैसले
– कोविड-19 के नियम तोड़ने वालों के मुकदमे वापस लेने का फैसला।
– वर्ष 2016 के बाद बनाए गए विकास प्राधिकरण का दोबारा से परीक्षण किए जाने का फैसला।
– त्रिवेंद्र सरकार के दौरान चार साल के विकास कार्यों के लिए विधानसभा स्तर पर किए जाने वाले कार्यक्रम को स्थगित करने का फैसला।
– घाट नंदप्रयाग सड़क चौड़ीकरण मामले में आंदोलनकारियों से मुकदमे वापस लेने और उनकी मांग को पूरा करने का फैसला।
– गैरसैंण कमिश्नरी और देवस्थानम बोर्ड से जुड़े फैसले पर पुनर्विचार का भी लिया निर्णय।




