
उत्तराखण्ड में कांग्रेस हाईकमान अब बदलाव करती हुई दिखाई देने लग गयी। पहले किशोर उपाध्याय को प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाकर प्रीतम सिंह को कांग्रेस का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया और अब राहुल गांधी के कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद बदलाव साफ देखा जा रहा है। इसी बदलाव के चलते कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी रही अम्बिका सोनी की जगह अब उत्तराखण्ड के नए कांग्रेस प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह को बनाया गया है।
उत्तराखण्ड में ये बदलाव तय माना जा रहा था। क्योंकि अंबिका सोनी यहां के प्रदेश प्रभारी के पद से मुक्त होना चाहती थी। ऐसे में कांग्रेस हाईकमान ने अब राज्य का प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह को बनाया है। अनुग्रह नारायण सिंह को प्रदेश प्रभारी बनाये जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्रदेश ने अनुग्रह नारायण सिंह को उत्तराखंड राज्य के प्रदेश प्रभारी बनने पर शुभकामनाएं दी हैं। 
अब एक सबसे बड़ा सवाल ये है कि राज्य के अंदर जो कांग्रेस में आपसी खींचतान जो चलती रहती थी क्या इस गुटबाजी पर नए प्रदेश प्रभारी अंकुश लगा पाएंगे। क्योंकि राज्य के नेता अपनी ही कांग्रेस के बड़े दिग्ग्ज नेताओं का सम्मान करते आजकल नहीं दिखाई देते। हर कोई अपनी अपनी राह चल रहा है। ऐसे में सवाल ये आकर खड़ा होता है कि क्या कांग्रेस के प्रदेशअध्यक्ष प्रीतम सिंह सबको एक साथ ले कर चल भी पा रहे हैं या नहीं। क्योंकि आपसी खींचतान और सामंजस्य न होने के कारण ही किशोर उपाध्याय को प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी गंवानी पड़ी थी। राज्य में प्रचंड बहुमत की सरकार अपने फाॅर्म में काम कर रही है। तो वहीं विपक्ष भी सरकार को आए दिन घेरने का काम कर रहा है प्रीतम सिंह हर हफ्ते प्रेस कांफ्रेस कर सरकार पर वार करते हैं तो पूर्व सीएम हरीश रावत फेसबुक हो या ट्वीटर पर आए दिन सक्रिय रहते हैं और जब भी उनका उत्तराखण्ड दौरा होता है मीडिया उनके आवास पर पहुंच कर कुछ न कुछ मसाला निकालने के लिए तैयार रहती है। और हरदा उन्हें खबरों का वो मसाला दे भी देते हैं जिसको लेकर मीडिया फिर डबल इंजन की सरकार पर सवाल छोड़ देती है। साथ ही खुद हरीश रावत ऐसा कोई मौका नहीं छोड़ते जब डबल इंजन की सरकार पर वो बरसते हुए नजर न आएं हरदा आज भी सक्रिय हैं और पहाड़ भ्रमण पर हैं तो वहीं प्रदेश अध्यक्ष भी सरकार की विफलताओं को लेकर जनता के बीच हैं। बस अब नए प्रदेश प्रभारी अनुग्रह नारायण को सभी दिग्गज कांग्रेसियों को एक साथ रखना और मिलकर चलना सिखाना होगा और यही होगी नए प्रदेश प्रभारी की सबसे बड़ी परीक्षा।







