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मंत्री हरक सिंह रावत जी डेढ़ साल की बच्ची को मुंह में दबाकर ले गया गुलदार, अब हंसी, ठिठोली और तोतली बोली उसकी यादों में ही रह गई है अब आप बताओ कोन है मासूम की मौत का गुनहगार ?

दुःखद ख़बर रुद्रप्रयाग से है उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि ब्लॉक के सिल्ला-ब्राह्मणगांव में गुलदार ने आंगन में बैठी डेढ़ साल की बच्ची पर हमला कर दिया और मुंह में दबाकर जंगल की तरफ भाग गया। बच्ची का अब तक कुछ पता नहीं लग पाया है। वही
वन विभाग की टीम ग्रामीणों के साथ खोजबीन में जुटी है। विभागीय स्तर पर गुलदार को देखते ही गोली मारने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। ओर तीन शिकारी मौके पर बुला लिए गए थे
बता दे कि शनिवार रात लगभग साढ़े आठ बजे सिल्ला ब्राह्मणगांव के जाबर तोक निवासी प्रमोद कुमार की डेढ़ साल की बालिका घर के आंगन में खेल रही थी। तभी, घात लगाए गुलदार ने बच्ची पर झपटा मारा और मुंह में दबाकर उसे जंगल की तरफ ले गया। बच्ची के माता-पिता शोर मचाते हुए कुछ दूर तक उसके पीछे भागे लेकिन गुलदार पलक झपकते ही आंखों से ओझल हो गया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।
स्थानीय निवासी व क्षेत्र पंचायत सदस्य सावन नेगी ने तत्काल घटना के बारे में वन विभाग को सूचना दी। लोगों ने काफी तलाश की लेकिन बच्ची का कुछ पता नहीं चला। इस दौरान कुछ स्थानों पर खून के धब्बे और मांस का टुकड़ा मिला है। रात लगभग सवा दस बजे रुद्रप्रयाग वन विभाग के उत्तरी जखोली रेंज के रेंजर रजनीश लोहानी टीम सहित मौके पर पहुंचे। देर रात तक खोजबीन की गई। लेकिन कुछ पता नहीं चला।  वही रविवार को प्रभारी डीएफओ जीवन मोहन दगडे के नेतृत्व में रेंजर व अन्य विभागीय कर्मचारी मौके पर पहुंचे। सुबह से ही बच्ची की खोजबीन शुरू कर दी गई। साथ ही गुलदार को आदमखोर घोषित करने के लिए विभागीय स्तर पर कार्रवाई भी की गई। दोपहर को मुख्यालय से स्वीकृति भी मिल गई। विभाग के आग्रह पर शिकारी जॉय हुकिल समेत दो अन्य शिकारी अजहर खान और जहीर बख्शी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल से लेकर दो किमी के दायरे में सघन खोजबीन की जा रही है लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। 
सिल्ला-ब्राह्मणगांव, कोटी, सिनघाटा, डडोली आदि गांवों में गुलदार सक्रिय है। तीन-चार दिन पहले गांव के समीप पलसारी के खेतों में गुलदार दौड़ते देखा गया था। खेतों में काम करने जा रही महिलाओं ने बताया कि गुलदार व उसके बच्चे घूम रहे हैं। दूसरी तरफ विजयनगर-पठालीधार मोटर मार्ग व आसपास के क्षेत्रों में भी गुलदार सुबह-शाम नजर आ रहा है। ग्रामीणों ने लोनिवि से मार्ग के दो तरफ उगी झाड़ियों को काटने की मांग की है।
प्रमोद कुमार व शिखा देवी की तीन संतानों में सबसे छोटी मासूम रिषिका की हंसी, ठिठोली और तोतली बोली अब यादों में ही रह गई है। बेटी की याद में पति-पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है पास-पड़ोस के लोग भी सांत्वना देने आ रहे हैं लेकिन उनके मुंह से बोल नहीं निकल रहे हैं।
फफकते हुए पिता ने बताया कि रिषिका अक्सर रात आठ बजे तक सो जाती थी लेकिन, कल रात आठ बजे तक भी नहीं सोई। उसके दोनों भाई भी उसे खूब पुचकार करते थे लेकिन अब, उसकी हंसी, ठिठोली यादों में रह गई है। विधायक मनोज रावत ने जाबर तोक के लिए तत्काल सोलर लाइट और रास्ते की मरम्मत के लिए विधायक निधि से एक लाख रुपये देने की बात कही। उन्होंने पीड़ित परिवार को अपने स्तर से हरसंभव मदद का भरोसा भी दिया।

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