
बाहरी प्रदेशों में फंसे उत्तराखंडवासियों की जल्द वापसी की तैयारी के निर्देश मुख्य सचिव को दिए हैं। मैं विश्वास दिलाता हूं, बाहर फंसा जो भी उत्तराखंडी अपने राज्य लौटना चाहता है, उसकी वापसी के लिए सभी मानकों के अनुसार उचित प्रबंध किए जाएंगे: मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ।
त्रिवेंद्र सरकार अन्य राज्यों में फंसे उत्तराखंडी को जल्द लेकर आ रही है उनके उत्तराखंड मै
जी हा अन्य राज्यों में फंसे प्रदेश के छात्रों, पर्यटकों, श्रद्धालुओं और अन्य नागरिकों की जल्द सुरक्षित उत्तराखंड अपने घर वापसी हो सकेगी। त्रिवेंद्र
सरकार को इस संबंध में केंद्रीय गृहमंत्रालय का आदेश मिल गया है। अब त्रिवेंद्र सरकार उसके अनुरूप आदेश जारी करेगी। बता दे कि शासन ने स्पष्ट किया है कि चरणबद्ध तरीके से अन्य राज्यों में फंसे उत्तराखंड के नागरिकों को सुरक्षित घर लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र के निर्देश पर
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कमान सभाल ली है।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्रालय ने अन्य राज्यों में फंसे लोगों की सुरक्षित घर वापसी का जिम्मा राज्यों को सौंप दिया है। केंद्र का आदेश राहत भरा है। राज्य आपस में तय करेंगे कि उनके यहां फंसे नागरिकों को कैसे वापस लाया जा सकता है। इसकी व्यवस्था बनाई जाएगी। त्रिवेंद्र सरकार सभी राज्यों में फंसे नागरिकों की सूची तैयार करेगी, उसके बाद उन राज्यों के साथ वार्ता कर आने जाने की व्यवस्था बनाई जाएगी। उत्तराखंड में भी कई राज्यों के लोग फंसे है, तो वहां की राज्य सरकारों को भी अवगत करवाया जाएगा।

पहले से तय है नोडल अधिकारी
सरकार चरणबद्ध तरीके से हर राज्य के साथ मिलकर फंसे नागरिकों को सुरक्षित लाने और भेजने का प्रयास करेगी। घर पहुंचाने के बाद सभी को होम क्वांरटीन या जरूरत पड़ने पर संस्थागत क्वारंटीन करने के संबंध में जारी गाइडलाइन का भी अनुपालन होगा।

बता दे कि त्रिवेंद्र सरकार ने अन्य राज्यों में फंसे उत्तराखंड के लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए नोडल अधिकारी तय किए हुए हैं। सचिव परिवहन शैलेश बगोली इस सारी व्यवस्था को देख रहे हैं। उनके साथ दो अन्य अधिकारियों को भी लगाया गया है। अभी तक इनका कार्य लोगों से संपर्क बनाकर उनकी समस्याओं के समाधान की मॉनिटरिंग करना था। अब उनकी वापसी के लिए बनाई जाने वाली व्यवस्था भी यही देखेंगे।
बहराल सुखद है जो भी लोग परेशान थे उनको अब राहत मिलने जा रही है। क्योंकि वे अपने घर अपने राज्यो मै अपनो के पास जल्द पहुचेगे
पर नियमो के अनुसार।






