चमोली आपदा का कारण ग्लेशियर टूटना नहीं, इसरो की तस्वीरों से हुआ साफ़, सीएम त्रिवेंद्र ने बताया ये कारण..


chamoli settelite

देहरादून: उत्तराखंड के चमोली में रविवार को बड़ा हादसा हुआ। अबतक के राहत और बचाव कार्य के दौरान चमोली जिला पुलिस ने अब तक 19 शव मिलने की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि अभी भी 202 से अधिक लोग लापता हैं।

वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि, क्षेत्र में ग्लेशियर नहीं टूटा बल्कि भारी मात्रा में बर्फ पिघलने से आपदा आई है। आज हुई बैठक में इसरो के साइंटिस्टस ने सेटेलाइट पिक्चर से साफ किया कि यह आपदा ग्लेशियर टूटने नहीं आई। तापमान बढ़ने से बर्फ पिघली और यह हादसा हो गया।  सीएम त्रिवेंद्र ने कहा कि, इसरो के निदेशक ने बताया कि, कुछ दिन पहले उक्त जगह पर जो बर्फबारी हुई, ये एक पॉइंट से लाखों मिट्रिक टन बर्फ एक साथ खिसकने से हादसा हुआ है।

सेटेलाइट की तस्वीरों में चौंकाने वाली बात सामने आई है। जिससे साफ पता चलता है कि चमोली में धौलीगंगा नदी के पहाड़ों पर पिछले एक हफ्ते में भारी बर्फबारी हुई थी, जिसके चलते पहाड़ों पर बड़ी संख्या में बर्फ जमा हो गई थी और जब 6 फरवरी को मौसम खुला तो बर्फ का एक पूरा हिस्सा नीचे खिसक गया, जो सेटेलाइट इमेज में साफ दिख रहा है।

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