
देहरादूनः पूर्व सीएम हरीश रावत ने मुख्यमंत्री तीरथ रावत को सुझाव राज्य के हालात देखते हुए सुझाव दिए है। उन्होने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के खिलाफ राज्य की लड़ाई बहुत ही महत्वपूर्ण व नाजुक मुकाम पर है। पूरे राज्य और अति संक्रमित 4 जिलों में कोरोना के खिलाफ लड़ने के लिए कुछ कदम उठाये गये हैं, उनकी सफलता के लिए आवश्यक है कि हम छोटे-छोटे छिद्रों को बंद करें एवं लोगों में निराशा और बेबसी के स्थान पर सामूहिक हिम्मत का वातावरण बनायें।
उन्होंने कहा कि तीरथ सिंह जी उसके लिए मेरा आपसे आग्रह है कि आप राज्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े हुये क्षेत्र, व्यापार, परिवहन और पर्यटन जिसमें संस्कृतकर्मी भी सम्मिलित हैं, उनको कुछ ऐसा पैकेज दें, ताकि वो आगे के लिए हिम्मत कर सकें और अपना काम संभाल सकें। मैं जानता हूँ कि आप उनके नुकसान का 5 प्रतिशत के आसपास देंगे, मगर संदेश कई गुना बड़ा जायेगा उन्हें लगेगा की राज्य उनके साथ खड़ा है।
राज्य में कई ऐसे वर्ग हैं जो रोज कमाते हैं और खाते हैं, उन्हें सरकार गेंहूँ-चावल दे रही है मगर वो काफी नहीं हैं। आप इन वर्गों को चिन्हित करके कोरोनाकाल में 2 हजार रूपये ही सही नगद आर्थिक मदद दीजिए, यदि आपको ऐसा लगता है कि लोग इसे कांग्रेस की न्याय (NYAY) योजना न मान लें तो आप इसका नाम कुछ भी रख लीजिए मगर रोज कमाकर खाने वाले लोगों के लिए कोरोना काल में प्रतिमाह 2 हजार रूपये कम से कम पहुँचना चाहिए।
प्रशासन ने गाँव में कोरोना के खिलाफ लड़ने के लिए जो कदम उठाये हैं, वो अच्छे हैं। मैंने भी उससे कुछ मिलते-जुलते सुझाव आपको फेसबुक के माध्यम से दिये थे। आज फिर मैं उसी कड़ी में आपको ये कहना चाहता हूँ कि गाँव में रह रहे प्रत्येक #परिवार को आप 1 हजार रूपये सहायता स्वरूप दीजिए, साथ ही जो दवाईयों की किट आप दे रहे हैं उसमें प्रति परिवार एक बड़ी सेनिटाईजर की बोतल भी जरूर दीजिये, गाँव में परिवार एक ही टॉयलेट यूज करता है उसको बार-बार सेनीटाइज करना, संक्रमण रोकने के लिए आवश्यक है।
प्रधानगणों और नगरों में वार्ड मेंबर्स को खाली मकान किराये पर लेकर आईसोलेशन सेंटर बनाने का निर्देश दीजिए ताकि संक्रमित व्यक्ति को सूचना मिलते ही उसे वहाँ शिफ्ट किया जा सके बाकि व्यवस्थाएं उसके परिवार के लोग देख लेंगे क्योंकि संक्रमित व्यक्ति को शीघ्र परिवार से अलग करना आवश्यक है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में ऐसा करना एक महत्वपूर्ण कदम होगा, प्रधान लोग यदि मुझसे फेसबुक से जुड़े हो तो कृपया अपने गाँव में लोगों से कहिए की वे तिमूर (तिमरू) के छोटे-छोटे दातौन जरूर प्रयोग में लाएं और दो-तीन दाने दिनभर तिमरू के जरूर चबा लें, पेट की सफाई के लिए मडुवे की रोटी और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए भटवाणी (चुड़काणी), चौलाई, बेथुवा या कंडाली की कापली (कापा/सूप) का जरूर उपयोग करें।
तीरथ पैकेज के साथ-साथ हरीश रावत पैकेज का भी ध्यान रखें। तीरथ सिंह जी या सत्तारूढ़ लोग सवाल करेंगे कि उपदेश तो हैं मगर पैसा कहाँ से आयेगा? मैं उनसे कहना चाहता हूँ जिंदगी रहेगी तो यही लोग राज्य को कमा करके देंगे, इस समय हमें उनको बचाने का काम करना है और बाजार से पहले भी हम कर्ज ले रहे हैं, पहले हम विकास कार्यों के लिए कर्ज ले रहे थे, अब हम मार्केट से जो है अपने लोगों की जिंदगी बचाने के लिए एक या दो डोज कर्ज की ले सकते हैं।




