
उत्तराखण्ड में यहा तालाब किनारे फेंक दिया नवजात को
ख़बर काशीपुर
जानकारी है कि यहां एक तालाब के किनारे नवजात पड़ा मिला। इस ठंड में नवजात को इस तरह तालाब किनारे फेंकने वाले को जरा भी दया नहीं आई। अगर शिशु पर ग्रामीणों की नजर पहले ना जाती तो कुत्ते या जंगली जानवर उसे नोंच डालते। वही ग्रामीमों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां अब वह सुरक्षित और स्वस्थ है।
मंगलवार को ग्राम ढकिया गुलाबो गांव के हरिचंद्र, बबलू व प्रमोद ने दोपहर 1:40 बजे गांव के उत्तर में स्थित तालाब के पास खेतों में शिशु के रोने की आवाज सुनी। उन्होंने देखा कि एक कपड़े में नवजात लिपटा है। खबर फैलते ही गांव की महिलाएं व तमाम लोग वहां जमा हो गए। घनश्याम सैनी ने बताया कि जिस वक्त बच्चा उन्हें मिला ऐसा लग रहा था कि वह लगभग एक घंटे पहले जन्मा होगा। बच्चे की नाल भी नहीं कटी थी।
ग्रामीणों ने टांडा पुलिस चौकी को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस नवजात को एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल ले आई। नर्सों ने उसकी नाल काटी। बच्चा स्वस्थ है। पुलिस अब उसकी मां की तलाश कर रही है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. पीके सिन्हा ने बताया कि नवजात को नर्सरी वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां नर्सें उसकी देखभाल कर रहीं हैं।
काशीपुर में बीते सालों में कई बच्चे इस तरह मिल चुके हैं। खटीमा में भी लावारिस बच्चे मिले हैं। ज्यादातर बालक ही मिले हैं। यह बहुत बड़ी चिंता का विषय है। इस दिशा में शासन-प्रशासन और पुलिस को ध्यान देना चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि लाने के समय बच्चा ठीक से सांस नहीं ले पा रहा था लेकिन अब वह ठीक है और दूध पी रहा है।






