बनबसा- चंपावत जनपद के बनबसा नेपाल बॉर्डर पर नेपाल से आ रहे 25 लोगों के कोरोना संक्रमित निकलने से हड़कंप मच गया है। भारत नेपाल के बीच मैत्री बस सेवा के नाम पर नेपाल से चल रही बसों में सवार 14 लोग जहां बॉर्डर में जांच उपरांत संक्रमित पाए गए हैं। वहीं इसके अलावा बनबसा बॉर्डर पर ही अन्य आवागमन करने वाले 11अन्य लोग कोरोना संक्रमित निकलने से स्वास्थ्य विभाग सहित स्थानीय प्रशासन अलर्ट पर आ गया है।

 

 बता दें कि भारत नेपाल मैत्री बस सेवा के नाम पर 6 से 7 बसें रोजाना नेपाल से दिल्ली सहित अन्य स्थानों को जाती हैं। कोरोना के बाद लम्बे समय के बाद बॉर्डर ओपन होने के चलते अब इन बसों का आवागमन रोजाना हो रहा है। जिससे कोरोना संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ गई है। एक साथ 25 नेपाली यात्रियों के बनबसा बॉर्डर पर कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद कोरोना संक्रमण की संभावनाएं बढ़ गई हैं। स्थानीय प्रशासन ने मैत्री बसों में यात्रियों के संक्रमण के बाद उन्हें वापस नेपाल लौटा दिया गया हैं। साथ ही बॉर्डर पर सघनता के साथ आवागमन करने वालों के कोरोना जांच करने के भी निर्देश दिए गए हैं।एक तरफ जहां देश मे ओमिक्रोन वेरिएंट के फैसले का डर बना हुआ है। वही करीब एक माह पहले पूरी तरह यातायात के लिए खुले बनबसा बॉर्डर से आवाजाही के चलते अब कोरोना संक्रमण के भारत मे फिर से दस्तक देने व नए वेरिएंट के नेपाल के रास्ते फैसले का खतरा बढ़ गया है। वही इस सबके बीच भारत नेपाल मैत्री बस सेवा के नाम पर काठमांडू सहित महेंद्र नगर से 6 से 7 बसे बनबसा बॉर्डर से भारत के विभिन्न स्थानों पर शुरू होने से ओमिक्रोन वेरिएंट के फैलने की संभावना बढ़ गई है।

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नेपाल की बसों से एक साथ 14 सहित कुल 25 लोगो के कोरोना संक्रमित निकलने से खतरे की घण्टी बज चुकी हैफिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम के डॉ दानिश अपनी टीम के साथ बॉर्डर पर सुबह से लेकर रात 10 बजे तक नेपाल से आने वाले हर शख्स की कोरोना जांच कर भारत मे संक्रमण फैलने की सम्भावनाओ को रोकने का प्रयास कर रहे है। लेकिन इस सबके बावजूद मैत्री बसें संक्रमण फैलने की बड़ी वजह बन सकती है।

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