
हरिद्वार महाकुंभ के कोरोना टेस्ट घोटाला सामने आया है। महाकुंभ के दौरान एंटीजन जांच फर्जीवाड़े में पकड़ी गई लैब को लेकर एक और चौंकाने वाला खुलासा हो रहे है। ये देश का सबसे बड़ा कोरोना टेस्ट घोटाले के रूप में आ रहा है। जिसके बाद प्रशासन एक्शन में नजर आ रहा है। लगातार जांच कमेटी गठित होने के बाद अब इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बता दें कि हरिद्वार में कुंभ मेले के दौरान हुए कोविड टेस्ट घोटाले पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है ।
सीएमओ हरिद्वार ने नगर कोतवाली में दो निजी टेस्टिंग लैब लालचंदानी लैब्स और नालवा लैब के साथ मैक्स कॉरपोरेट सोसायटी के खिलाफ शिकायत देते हुए मुकदमा दर्ज कराया है । हरिद्वार के एसएसपी सेंथिल अबुदाई कृष्णराज एस का कहना है कि नगर कोतवाली में तहरीर प्राप्त हुई है । मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
गौरतलब है कि कुंभ में जांच के लिए अधिकृत चेन्नई की एचएलएल लैब ने कुंभ के दौरान सिर्फ कागजों पर लोगों की टेस्टिंग दिखाकर बड़ा फर्जीवाड़ा किया है। मामले में जिलाधिकारी सी रविशंकर ने बुधवार रात को सीएमओ हरिद्वार डॉ. एसके झा को आरोपी लैब संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश जारी किए थे। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग आरोपी लैब के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
यह मुकदमा बुधवार रात को ही दर्ज करा दिया जाता, लेकिन सरकारी अधिवक्ता के शहर में न होने के कारण अब यह मुकदमा गुरुवार को दर्ज कराया गया है। कुंभ स्वास्थ्य विभाग ने 9 निजी लैब को कुंभ मेले में आने वाले लोगों की कोरोना जांच करने का जिम्मा सौंपा था। आरोपी लैब की जांच के लिए जिलाधिकारी ने जांच कमेटी भी गठित की हुई है। अभी 9 लैबों की जांच रिपोर्ट आनी बाकी है।







