
बेलगाम नौकरशाही की कार्यशैली को सुधारने के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी लेगे कठोर निर्णय जल्द हो सकता है उत्तराखंड की नौकरशाही में बड़ा बदलाव
मनमौजी अफसरशाही को पटरी पर लाएंगे धामी
उत्तराखण्ड में धाकड़ ओर ताबड़तोड़ जनहित के निर्णय लेने की वहज से लोकप्रिय बने
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
का संकल्प है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा निर्देश में उत्तराखंड को देश का नंबर वन राज्य बनाना है
आने वाला दशक उत्तराखण्ड का दशक है ओर उसी संकल्प के साथ मुख्य सेवक कि सपथ लेते ही युवा धामी फिर से अपने मिशन नम्बर वन उत्तराखण्ड राज्य पर चल पड़े है जिसमे सबसे महत्वपूर्ण पहला कार्य है नौकरशाही की कार्यशैली को पटरी पर लाने का
जो अब तक के मुख्यमन्त्रियों के लिए सरकारों के लिए दुखदाई साबित होती आई है
हम कह सकते है कि पिछले 20 सालों में जितनी भी सरकारों ने उत्तराखंड में सत्ता का लुफ्त उठाया वह विकास कार्यों से संबंधित कई महत्वपूर्ण फाइलों को आगे बढ़ाने के लिए अपने ही विभागीय अफसरों से अक्सर जूझती रही है
राज्य गठन के पश्चात सूबे की अंतरिम सरकार से लेकर विभिन्न सरकारों का अपना अपना सफर अलग-अलग कार्यशैलीयो को लेकर रहा है
राज्य के शासन में अफसरों की टेबल पर खास तौर पर सरकार के मुखिया के कार्यलय में तमाम ऐसी फाइलों का अंबार देखने एवं सुनने को मिलता रहा है जो की विकास की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रही है और उनके आगे न बढ़ने से प्रदेश को नुकसान का खामियाजा भुगतना पड़ा
सरकार द्वारा समय-समय पर की जाती रही घोषणाओं में पेंच डालना शासन में बैठे अनेक अफसरों की खूब आता है ओर इस बात के चर्चे समय समय की सत्ता के गलियारों में होते रहे हैं
राज्य के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राज्य की नौकरशाही से एक मजबूत विकास की रणनीति बनाकर कार्य लेने का हुनर आता है
धामी का अपना अनुभव है जमीन से जुड़े नेता है वे अपने सामान्य कार्यकर्ता से लेकर दाइत्व धारी, विधायक तक के सफर में ना जाने कितनी लाखो बार सचिवालय में हर महकमे की सीढ़ी चढ़ चुके है लिहाज़ा वे अफसरों के हर रंग रूप से वाकिफ़ है
वे जानते है बेलगाम अफ़सर पर लगाम लगाना वे जानते है कि किन अफसरों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग पाती थी
लेकिन पुष्कर राज में अब वो नही चलेगा जो पिछले 20 सालों से चलता आया है
इसलिए राज्य की नौकरशाही को सीधे तौर पर कार्य करने होंगे ना कि जलेबी की तरह अपना रवैया रखना होगा
क्योंकि उसने यदि ऐसा किया तो उन्हें बहुत जल्द मालूम चल जाएगा कि इस बार का सीएम फ्लावर नही फायर है…
बहराल सूत्रों की माने तो अब नौकरशाही में बड़े बदलाव की तैयारी है. कैबिनेट में विभागों का बंटवारा हो चुका है, इसलिए सरकार शासन से लेकर जिले तक में बड़ा बदलाव कर जनहित में बहुत बडे चौकाने वाले निर्णय ले सकती है
खुद सीएम धामी कमान सभालते हुए नौकरशाही की जिम्मेदारियों को बदलने की कवायद आरभं कर सकते है
ओर बड़े अधिकारियों से लेकर जिलों तक शासन व्यवस्था में बदलाव के संकेत हमको अभी से मिल रहे हैं न केवल आईएएस अधिकारियों बल्कि आईपीएस और पीसीएस अधिकारियों की भी जिम्मेदारी बदली जा सकती है





