

आपदा के बाद टनल में फंसे लोगों की जिंदगी बचाने के लिए देर शाम तक रेस्क्यू आपरेशन चलाया जा रहा है। चमोली में राहत व बचाव कार्य के लिए गुरुवार को चिनूक हेलीकॉप्टर मशीन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और बीआरओ के जवानों को लेकर जोशीमठ पहुंचा। अचानक ऋषिगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के चलते तपोवन में रेस्क्यू ऑपरेशन रोका गया है। रैणी गांव से नदी में पानी बढ़ने की सूचना के बाद टनल के भीतर और टनल के बाहर आसपास के क्षेत्रों में बचाव कार्य में जुटी टीमें सुरक्षित स्थान पर भेज दी गई हैं। बता दें कि टनल के भीतर मलबा हटाने का काम चल रहा था। टनल के भीतर फंसे 34 सदस्यीय दल तक पहुंचने के लिए टनल से मलबा साफ किया जा रहा था।
एनटीपीसी के परियोजना निदेशक उज्जवल भट्टाचार्य ने बताया कि हम 6 मीटर की दूरी तक पहुंच गए थे और फिर हमने देखा किया कि वहां पानी आ रहा है। अगर हम काम जारी रखते तो चट्टानें अस्थिर हो सकती थीं, इससे समस्या हो जाती। इसलिए हमने ड्रिलिंग ऑपरेशन को कुछ समय के लिए रोक दिया है। चमोली पुलिस के अनुसार नदी में पानी का स्तर बढ़ रहा है, आस-पास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया जा रहा है। लोगों से अनुरोध है कि वे सतर्क रहें और घबराएं नहीं। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि चमोली जिले में ऋषिगंगा नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण बचाव अभियान अस्थायी रूप से रोका गया है। निचले इलाकों को खाली करने के आदेश दिए गए हैं।





