
राजधानी के पथरिया पीर इलाके में जहरीली शराब से लोगो की हुई मौतों के बाद से
मुख्य आरोपी अजय सोनकर उर्फ घोंचू को पुलिस तलास कर रही थी।कल मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने भी पुलिस को फटकार लगाई थी
ओर अब ख़बर है कि अजय सोनकर को गिरफ्तार कर
लिया गया है.
इससे पहले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की सख्ती के बाद पुलिस प्रशासन ने आज अजय सोनकर की तलाश कल रात से ही युद्धस्तर पर शुरू कर दी थी.
अजय सोनकर उर्फ घोंचू की गिरफ्तारी के लिए देहरादून में कई पुलिस टीमें अपनी पूरी ताकत के साथ कार्रवाई को अंजाम देने में जुटे थी. इतना ही नहीं, इस मामले में घोंचू की जल्द गिरफ्तारी न होने पर पुलिस ने उसके घर की कुर्की करने की भी तैयारी कर ली थी. हालांकि, इससे पहले देहरादून पुलिस एक अन्य आरोपी गौरव को गिरफ्तार कर उसे मुख्य आरोपी के रूप में पेश कर रही थी.

मुंबई से लौटने के बाद शराब कांड मामले का संज्ञान लेते हुए शनिवार शाम जिस तरह से सख्त तेवरों में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संबंधित शासन प्रशासन के अधिकारियों को चेतावनी भरे लहजे में मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी का फरमान सुनाया था, उसके बाद से देहरादून पुलिस ने अपनी कार्रवाई की दिशा बदली और मुख्य आरोपी की तलाश में कई टीमें एक साथ दबिश के लिए लगा दी.
वहीं, इस मामले में जानकारी देते हुए राज्य में अपराध व कानून व्यवस्था की कमान संभालने वाले महानिदेशक अशोक कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद पुलिस ने भी किसी राजनीतिक दबाव में न आते हुए मुख्य आरोपी अजय सोनकर उर्फ घोंचू की गिरफ्तारी के कड़े आदेश दिए थे. पुलिस को इस बात के लिए भी निर्देशित किया गया था कि अगर जल्द ही घोंचू की गिरफ्तारी नहीं होती तो ऐसे में उसके घर की कुर्की की जाएगी।

पूर्व में कांग्रेस पार्टी से पार्षद रहे और वर्तमान में बीजेपी पार्टी के कार्यकर्ता व स्थानीय नेता के रूप में पहचान रखने वाले अजय सोनकर उर्फ घोंचू पर आधा दर्जन से ज्यादा नामजद संगीन मामले पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं. ऐसे में इस शराब काम के गंभीर मामले पर भी उसका नाम मुख्य रूप से सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन घोंचू गैंगस्टर लगाने की कार्रवाई भी करने जा रही है. वही आज ही भाजपा ने भी अजय सोनकर को भाजपा पार्टी से निष्कासित कर दिया था और शाम होते-होते यह खबर आ गई कि अजय सोनकर घोंचू गिरफ्तार हो गया है चलिए अच्छा है मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत की फटकार का असर हुवा जिसकी व वजह से घोंचू अब सलाखों के अंदर हैं।




