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मंत्री हरक बोले शहीद और आंदोलनकारी आंसू बहा रहे हैं , कह रहे हैं कि उत्तराखंड को इन  नालायको के  हाथ इन बेवकूफो के हाथ सौप दिया है ,

 बोला उत्तराखंड किस पर है हरक का निशाना सत्ता में तो इस समय भाजपा

 उत्तराखंड में कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत  का आए दिन अपने कुछ ना कुछ बयानों के चलते विवादों में आ ही जाते हैं ऐसा ही एक बयान उन्होंने आज दिया है जी हां हरक सिंह रावत ने मसूरी में आयोजित एक कार्यक्रम में अपने संबोधन में भी कहा कि आज उत्तराखंड के शहीद और आंदोलनकारी आंसू बहा रहे हैं वह कह रहे हैं कि उत्तराखंड को इन नालायको  के हाथ इन बेवकूफो के हाथ सौप दिया है ।

यह भी पढ़े :  सोशल प्लेटफॉर्म की मनमानी पर केंद्र सरकार का शिकंजा, बोले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र बेहद स्वागत योग्य कदम ,इस निर्णय के लिए केंद्रीय मंत्री Ravi Shankar Prasad एवं Prakash Javadekar का हार्दिक अभिनंदन। आपत्तिजनक पोस्ट, ओर जाने महत्वपूर्ण बड़ी बातें वही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा है कि केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया, ओवर-द-टॉप (OTT) तथा डिजिटल मीडिया का दुरुपयोग रोकने के लिए महत्वपूर्ण दिशा निर्देश जारी किए है। अभिव्यक्ति की आजादी के साथ ही उसका मर्यादित होना बेहद जरूरी है। केंद्रीय सूचना तथा प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सोशल, डिजिटल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह फैसला लिया। केंद्र सरकार द्वारा लागू 'Code Of Ethics' और '3 Tier Self Regulation' बेहद ही स्वागत योग्य कदम है। इस निर्णय के लिए केंद्रीय मंत्री Ravi Shankar Prasad एवं Prakash Javadekar का हार्दिक अभिनंदन। सुखद ख़बर : सोशल प्लेटफॉर्म की मनमानी पर सरकार का शिकंजा, 24 घंटे में हटानी होगी आपत्तिजनक पोस्ट, ओर जाने महत्वपूर्ण बड़ी बातें केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सोशल मीडिया का करोड़ों लोग इस्तेमाल करते हैं. इसलिए इसको दुरुपयोग को रोकना जरूरी है. जिसने सबसे पहले आपत्तिनजक पोस्ट डाली, उसकी पहचान बतानी होगी. यानी, जहां से गलत पोस्ट हुआ उसके बारे बताना होगा. सोशल मीडिया के लिए जो कानून बना है उसे तीन महीने में लागू किया जाएगा ओटीटी और सोशल मीडिया के इस्तेमाल के दुरुपयोग को देखते हुए केन्द्र सरकार ने इस पर नई गाइडलाइंस जारी की है. केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सोशल मीडिया का करोड़ों लोग इस्तेमाल करते हैं. इसलिए इसके दुरुपयोग को रोकना जरूरी है. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के लिए जो कानून बना है उसे तीन महीने में लागू कर दिया जाएगा और तीन स्तरों पर इसकी निगरानी की जाएगी. रविशंकर प्रसाद ने कहा: हिंसा के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल हो रहा है. हिंसा के लिए भी सोशल मीडिया का इस्तेमाल हो रहा है. सोशल मीडिया पर आपत्तिनक पोस्ट मंजूर नहीं हमारी मीडिया ने व्यापक मशविरा किया है. शिकायतकर्ता ऑफिसर को रखना होगा और 15 दिन में उसका निपटारा होना चाहिए. अगर कोई आपत्तिनजक कंटेंट पोस्ट किया गया है तो उसे 24 घंटे के भीतर हटाना होगा. कंपनियों को चीफ कंप्लायंस ऑफिसर की तैनाती करनी होगी नियम के पालन पर हर महीने रिपोर्ट देनी होगी जिसने सबसे पहले आपत्तिनजक पोस्ट डाली, उसकी पहचान बतानी होगी. यानी, जहां से गलत पोस्ट हुआ उसके बारे बताना होगा. सोशल मीडिया के लिए जो कानून बना है उसे तीन महीने में लागू किया जाएगा केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा: ओटीटी को नियमों का पालन करना होगा. सभी मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए एक नियम ओटीटी, डिजिटल मीडिया के लिए तीन स्तरीय निगरानी व्यवस्था होगी ओटीटी और वेबसाइट पर डिसक्लेमर देना होगा लेकिन रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं ओटीटी सेल्फ रेगुलेशन होगा, सुप्रीम कोर्ट या होईकोर्ट के विशिष्ट व्यक्ति की अध्यक्षता में बॉडी बने ताकि वहां पर सुनवाई हो पाए. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की तरह ही डिजिटल मीडिया को माफी करनी होगी प्रसारित सेंसर बोर्ड का एथिक्स कोड कॉमन रहेगा, मीडिया को जवाबदेही होना चाहिए, डिजिटल मीडिया पोर्टल को अफवाह या झूठ फैलाने का अधिकार नहीं है.

उत्तराखंड में आज बीजेपी की सरकार है ऐसे में हरक सिंह रावत क्या खुद की सरकार के मुख्यमंत्रियों पर ही और बीजेपी पर ही सवाल खड़े कर रहे हैं या वे आज तक के 21 साल के  दौरान के मुख्यमंत्रीयो पर  निशाना साध रहे है 

वही कार्यक्रम में हरक के सामने कॉमरेड ने BJP पर साधा निशान
बीजेपी के मुख्यमंत्रियों को बताया ‘नालायक’

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