प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार दूसरे दिन जारी बर्फबारी जन-जीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। सड़कों पर बर्फ के ढेर लग जाने से के कारण 102 मार्गों पर आवाजाही बंद हो गई, जिस कारण पर्यटक और स्थानीय लोग जगह जगह फंस गए। कुछ स्थानों पर तो लोगों को कड़ाके की सर्दी में भूखे-प्यासे रहकर गाड़ियों में रात काटनी पड़ी। भारी बर्फबारी के कारण राज्य की 102 सड़कें बंद हो गईं। उत्तरकाशी, चमोली और नैनीताल में सबसे अधिक सड़कें बंद हैं। लोक निर्माण विभाग ने हालांकि, बर्फ हटाने के लिए मशीनें लगाईं हैं। लेकिन बर्फ इतनी ज्यादा है कि, सड़कों को खोलने में वक्त लगना तय है।

मसूरी और नैनीताल में लगा जाम
बर्फबारी का नजारा लेने पहुंची पर्यटकों की भीड़ से मसूरी और नैनीताल में जाम लग गया। मसूरी के प्रभारी निरीक्षक गिरीश चंद शर्मा ने बताया कि, बर्फबारी के कारण वाहन जहां के तहां फंस गए। तीस जवान वाहनों को निकालने के लिए लगाए गए हैं। उधर, नैनीताल में भी पर्यटकों की भीड़ के कारण नैनीताल से हल्द्वानी के बीच 20 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। चंबा-मसूरी मार्ग पर भी पर्यटकों के वाहन फंसे हुए हैं।

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बिजली गुल, लाइनों में जमा पानी
हिमपात के कारण बिजली की लाइनें टूट जाने से प्रदेश के सैकड़ों गांवों में बिजली की सप्लाय ठप है। नैनीताल और धनोल्टी में दूसरे दिन भी बिजली सप्लाय बहाल नहीं हुई। टिहरी के चन्द्रबदनी और चकराता के ऊंचाई वाले गांवों में पाइपों में पानी जम गया। लोग बर्फ पिघलाकर पानी का इंतजाम कर रहे हैं।

उत्तरकाशी में बारात फंसी
यमुनोत्री हाईवे के राड़ी टॉप में भारी बर्फबारी के कारण एक बारात फंस गई। इस कारण दूल्हा और कुछ बाराती पैदल ही दो किमी की दूरी तय कर आगे बढ़े। शेष बाराती हाइवे खुलने का इंतजार करते रहे।

एंबुलेंस में कराना पड़ा प्रसव
चंपावत जिले के लोहाघाट में भारी बर्फबारी के चलते 108 एंबुलेंस बीच रास्ते में फंस गई। एंबुलेंस में सवार गर्भवती महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ने पर आपातकालीन सेवा के कर्मचारियों की निगरानी में प्रसव कराना पड़ा।

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एंबुलेंस में शव के साथ 16 घंटे फंसे
अल्मोड़ा के पनुवानौला में दर्जनों वाहन और दो एंबुलेंस रात भर फंसी रहीं। इनमें एक एंबुलेंस में दिल्ली से लाया जा रहा दन्या निवासी युवक का शव भी था। मृतक के परिजनों और अन्य यात्रियों को एंबुलेंस और वाहनों में रात गुजारने को विवश होना पड़ा। 16 घंटे बाद यहां हाईवे खोला जा सका। चंपावत जिले में पोस्टल मतदान के लिए घर घर जा रही टीमें बर्फबारी में फंस गईं। चम्पावत जिले में फंसी चार पोलिंग पार्टियों को जोस्यूड़ा के पंचायत घर में ठहराया गया। जबकि छह पोलिंग पार्टियों को वाहनों में ही रात बितानी पड़ी। मौसम विभाग ने कहा है कि, पांच, छह और सात फरवरी को भी चमोली, बागेश्वर पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं बारिश और बर्फबारी की संभावना है। शेष राज्य में मौसम साफ रहेगा। हालांकि, 6 से 8 फरवरी के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ प्रदेश में सक्रिय होगा।

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