अजब प्रेम की गजब कहानी: उत्तराखंड की इस संस्था का एक कुत्‍ता है CEO.. जानिए क्या है इसकी पूरी कहानी

नैनीताल. जानवर भले ही बेजुबान होते हैं और इनमें सोच समझ का भी अभाव हो, लेकिन इनके अंदर भी भावनाएं होती हैं. जानवरों में सबसे वफादार कुत्ते को माना जाता रहा है. जबकि हम आपको ऐसी ऐसी हैरान करने वाली कहानी बता रहे हैं, जहां कुत्ता बन गया एक संस्था का सीईओ और नाम मिला कुंवर सिंह.दरअसल, यह एकदम सच है और कहानी उत्तराखंड के नैनीताल के एक गांव की है.

ये कोई आवारा कुत्ता नहीं बल्कि कुंवर सिंह है और वो भी गीली मिट्टी संस्था का सीईओ. सुनने में अटपटा जरूर लग रहा होगा, लेकिन ये सच है. नैनीताल के महरोडा गांव में गिली मिट्टी की संस्थापिका शगुन सिंह का ये एनिमल प्रेम एक मिसाल भी है. कैम्प में आने वालों का ध्यान रखना हो या फिर उनको आसपास घूमना कुंवर अपनी जिम्मेदारी निभाता है और परेशान लोगों को भी दुखी देख उनके पास बैठकर सुकून देता है.

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Ajab Prem Ki Ghazab Kahani: This organization of Uttarakhand has a dog as its CEO..

कुंवर सिंह की मुहब्बत शगुन सिंह से नहीं है बल्कि वह गांव में भी चर्चित है. पर्यटकों को सड़क से लाने के साथ गांव के लोगों को घर तक छोड़ने जाता है. बच्चों और बुजुर्गों के साथ एकदम घुलने-मिलने की कला भी कुंवर सिंह में है तो सुबह पूरे गांव का चक्कर काटकर लोगों से मुलाकात करता है. अगर कभी नहीं दिखे तो लोगों में चिंता भी कुंवर सिंह की हो जाती है. गांव के देव सिंह कहते हैं कि रोजाना मुझे ये गांव तक छोड़ने आता है. यही नहीं, वह हर सुबह गांव का चक्कर काटता है और गांव के लोगों को भी कुंवर सिंह की इंतजार होता है. अगर एक दो दिन नहीं दिखे तो एक दूसरे से जानकारी लेनी पड़ती है.

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