
उत्तराखंड के जंगलो मै बेकाबू हुई आग, इंद्र देव झमा झम बरसो। सिस्टम लाचार ।सेना ने संभाला मोर्चा।
देवभूमि के जंगल भयंकर आग की चपेट मै है अब ये आग बेकाबू होती जा रही है। बता दे कि क्या पहाड़ क्या मैदान सभी जगह के जंगल धू-धू कर जल रहे हैं। ओर विकराल रूप ले रहे है इस आग पर काबू पाने की मशक्कत लगातार जारी रही
ख़बर है कि मंगलवार रात तक देवभूमि के जंगलों में लगभग 150 से अधिक स्थानों पर आग लगी हुई थी, जिस पर काबू पाने के लिए हर संभव प्रयास जारी है।
वही रानीखेत में घिंघारीखाल से लगे भंगचौड़ा के जंगल की आग के सैन्य सीमा क्षेत्र की ओर बढ़ने पर अब सेना के जवानों ने मोर्चा संभाला। फिर कड़ी मशक्कत के बाद उन्होंने आग पर काबू पाने में सफलता भी पाई। वही जंगलों में आग से जो धुंध फैली है इससे चमोली में इसके चलते हेली सेवाओं पर भी इसका असर पड़ रहा है ।
अब तक इस फायर सीजन में जंगल की आग की अब तक 1420 घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें लगभग 1840 हेक्टेयर क्षेत्र से अधिक वन संपदा को भारी नुकसान पहुँचा है। जंगल की आग की लगातार बढ़ी घटनाओं से वन विभाग के अफसरों के पसीने छूट गए है फिर भी इसे देखते हुए वन मुख्यालय ने सभी वन प्रभागों को फायर वाचरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि आग पर नियंत्रण पाया जा सके।
जैसे जैसे तापमान में बढ़ोतरी जो रही है उसके साथ ही राज्यभर में जंगलों के धधकने का सिलसिला ओर तेज हो चला है। आप अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि पिछले 24 घंटे के दरम्यान 112 स्थानों पर पर आग लगी। ओर अभी भी ख़बर लिखे जाने यक राज्यभर में कही जगह जंगल जगह-जगह धधक रहे हैं।तो इसके साथ ही फिर उनके धुंए की धुंध फैलना आम बात है पर ये धुंध भी परेशानी पैदा कर रही है ।
बता दे कि अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल, पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली जिलों में तमाम स्थानों पर जंगल सुलग रहे थे। ऊधमसिंहनगर जिले के जंगलों का कुछ हिस्सा भी झुलसा है। चमोली जिले में जंगलों की आग से उठ रहे धुएं से हेलीसेवाएं भी प्रभावित हुई हुई।
वनकर्मी सीमित संसाधनों के बूते आग पर काबू पाने की जिद्दोजहद में जुटे हुए हैं। राजस्व, पुलिस, होमगार्ड, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीआरडी जवानों के साथ ही बड़ी संख्या में ग्रामीण आग बुझाने में सहयोग दे रहे हैं। बावजूद इसके आग विकराल रूप धारण करती जा रही है। ऐसे में विभाग की परेशानी बढ़ गई है।
वही नोडल अधिकारी (वनाग्नि) प्रमोद कुमार सिंह के मुताबिक मंगलवार रात राज्यभर में 160 स्थानों पर आग की सूचना थी। इस पर काबू पाने के लिए वन कर्मी जुटे हुए थे। ग्रामीण भी इसमें निरंतर सहयोग दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दो तीन दिनों से पहाड़ों में तापमान में इजाफा हुआ है, जिससे आग की घटनाएं बढ़ी हैं। आग पर नियंत्रण के मद्देनजर सभी वन प्रभागों को फायर वाचरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अन्य विभागों का सहयोग लेने को भी कहा गया है। बहराल सरकार की मशीनरी भले ही जितना भी प्रयास कर ले पर इन हालातों को देख वे भी कह रहे होंगे कि है भगवान इंद्र देवता अब जमकर बरसो ।किर्पा करो पर्भु ।जब आप झमा झम बरसोगे तभ ही राहत मिलेगी।







