
एमबीबीएस के छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, हॉस्टल के कमरे में लटका मिला शव
ख़बर देहरादून से है आपको बता दे कि उत्तराखंड में दून मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्र ने शनिवार देर रात को हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। वही हॉस्टल प्रबंधन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवा दिया था। परिजनों के आने के बाद आज पोस्टमार्टम कराया जाएगा। ख़बर है कि प्राथमिक जांच में पता चला है कि छात्र एक साल से ज्यादा समय से डिप्रेशन में चल रहा था। वही
पटेलनगर की चौकी प्रभारी बाजार गिरीश नेगी ने मीडिया को बताया कि मृतक की पहचान दिलीप कुमार निवासी गुरुग्राम हरियाणा के रूप में हुई है। आपको बता दे कि दिलीप दून मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष का छात्र था और एक दूसरे छात्र के साथ ब्यॉज हॉस्टल में रहता था। पता चला है कि साथी छात्र लगभग 30 दिन पहले से अपने घर पर गया हुआ है। इस समय दिलीप अकेला ही कमरे में था।
ख़बर है कि दिलीप को अंतिम बार शुक्रवार को हॉस्टल परिसर में देखा गया था। इसके बाद से वह किसी को नजर नहीं आया। शनिवार को उसके परिजन फोन कर रहे थे तो काल नहीं उठाई गई । इस कारण उसकी माँ ने पड़ोसी कमरे में रहने वाले छात्र को फोन किया तो उन्होंने कमरे का दरवाजा तोड़कर देखा।
दिलीप पंखे के सहारे लटका हुआ था। उनकी सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीछे उतारा। दिलीप की जीभ बाहर निकली हुई थी। प्रथमदृष्टया मामला आत्महत्या का ही है। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
वही चौकी प्रभारी गिरीश नेगी ने बताया कि उसके फोन में 75 मिस्ड कॉल थी। कमरे से एक दवाओं का परचा भी मिला है। यह पर्चा श्रीमहंत इंद्रेश अस्पताल का है जिसमे चिकित्सकों से पूछा गया तो पता चला कि ये दवाएं डिप्रेशन की है। इससे मालूम हुआ कि दिलीप डिप्रेशन में था। बताया जा रहा है वह 2017 से ये दवाएं ले रहा था। परिजनों को सूचना दे दी गयी है। बहराल पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। उन्हें क्या पता था कि जिस बेटे को उन्होने डॉक्टर बनाने का सपना देखा था अब उस बेटे की मौत की ख़बर से उन पर क्या गुजर रही होगी ये तो एक माँ पिता से बेहतर कोई नही समझ सकता ।




