
सरकार जल्द ही कुछ ना किया गया तो डर है कि कही पहाड़ की जनंता कानून के दोषी न बन जाये।

जल्द ही कुछ ना किया गया तो हालात और ज्यादा खराब हो सकते है । डबल इज़न की सरकार हो या विपक्ष सभी जानते है कि जिस प्रकार पिछले एक साल से पहाड़ के शांत मौसम मे जहर घोलने का काम हो रहा है उससे पहाड़ के लोगों के दिलो मे आग लगी हुई है ।

सतपुलि , कोटद्वार, फिर उतरकाशी का मामला फिर पौड़ी की बात तो कभी घन साली से ख़बर ओर आज फिर ख़बर आई है कि प्रतापनगर ब्लाक के मुख्य बाजार लम्बगाँव में फिर एक छेड़ छाड की घटना सामने आई है । छेड़ छाड़ करने वाले दो आरोपियों को स्थानीय
लोगों ने पकड़ कर पीटा और पुलिस के हवाले कर दिया ।
जिसके बाद व्यापारियों ने बाजार बन्द करवा कर चक्काजाम कर दिया । साथ ही पुलिस प्रशासन पर सवालिया निशान उठाते हुए नाराजगी जताई । कहा जा रहा है वे दोनों लोग बिजनौर के रहने वाले बतायें जा रहे है । ओर वे। लोग चाकू दिखा कर डरा भी रहे थे जिस का शिकायत पत्र पुलिस को दिया जा चुका है ।

सरकार बात जो भी हो पर हर कुछ समय बाद देखने को मिल रहा है कि पाहड़ मै ज़िस तरह से आये दिन घटनाये हो रही है उसको देखकर स्थानीय लोगो के हाथ अगर कोई लग जाये तो वो स्थानीय लोगो के गुस्से का शिकार ही जाता है और फिर उसको पुलिस के हवाले कर दिया जाता है
पर ध्यान रखने वाली बात ये है कि इन सब के बीच जब भीड़ किसी पर हमला बोल देती है तो जनंता का गुस्सा किसी पर कभी इतना भारी ना पढ़ जाये की वो खुद कानून के दोषी बन जाये
इसलिए सरकार यह पर बढ़ते घटनाओं के साथ साथ पुलिस महकमे को इस पर भी विचार करने की जरूरत है कि ये वही पहाड़ की जनंता है जिन्होंनो कोदा झुगरा खा कर राज्य बनाया है और जब इनके पहाड़ मे आये दिन घटनाएं होन लगे तो ये लोग भयंकर गुस्से मैं आ जाते है लिहाज़ा रास्ता हमारे पुलिस महकमे को तलाशना होगा कि किस तरह से पहाड़ की जनंता के गुस्से को भड़कने से पहले ही शांत किया जाए और जो भी हो कानून के दायरे मे हो
लेकिन जब आये दिन ख़बर ये रहेगी कि की कुछ बाहर के लोगो पहाड़ की वादियों मे नफरत जहर घोल रहे है या समझे कि अपराध की गतिविधियों मे शामिल है तो पहाड़ गुस्से मे होगा ही
इस पूरी ख़बर मे ये बात अब निकलकर आई है कि किसी निजी स्कूल की टीचर को इन दो युवको ने छेड़ा ओर चाकू दिखाकर डराया भी वो तो उन्होंने हिमत्त दिखा कर शोर मचा दिया और बाजार तक आ गई तब स्थानीय लोगो को जब पता चला तो बस फिर क्या था उनको पकड़कर पहले खूब पिटाई फिर बाज़ार बंद ओर पुलिस तक उनको पहुचाया।




