
उत्तराखंड : भाजपा राज में खनन का बोलबाला , रानीपोखरी का पुल टूटना उसकी एक बानगी
कुछ देर बाद ग्राउंड जीरो पर पहुचकर जायजा लेंगे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सीधे कह चुके है कि रानीपोखरी का पुराना पुल जो काफी मजबूत दिखाई देता था, टूट गया।
उसके टूटने के दो ही कारण हो सकते हैं, एक उसके चारों तरफ हो रहा अवैध खनन और दूसरा यह हो सकता है कि उसकी सेफ्टी ऑडिट न हुआ हो और पुल कमजोर हो गया हो।
लेकिन जहां तक मुझे लगता है, ये पुल खनन के कारण टूटे हैं। इसी तरीके से एक पुल पहले गौला में भी टूटा था और भी बहुत सारे जगह जो पुलों को क्षति हुई है,
ज्यादातर मामलों में मामला पुल क्षेत्र में हो रहे खनन का सामने आया है और यहां भी जिस तरीके से भाजपा राज में खनन का बोलबाला हो रहा है, यह उसकी एक बानगी लगती है।
इंजीनियर्स की जांच केवल आईवॉस न हो, इसलिये आवश्यक है कि किसी बाहरी एजेंसी से, जो उत्तर प्रदेश से बाहर की एजेंसी हो उससे जांच करवाई जाए ताकि एक बार यह तो पता चले कि टूटने का कारण क्या है!
यदि खनन इसका कारण निकलता है, तो फिर एक बार जितने खनन पट्टे पुलों के नजदीक दिये गये हैं, उन पर पुनर्विचार करना आवश्यक है।
वही आज पूर्व मुख्यमंत्री शाहबाज पुल का निरीक्षण करने जा रहे हैं ऐसे में वे निरीक्षण के बाद ओर क्या क्या कहते हैं , आरोप लगाते है ये दिलचस्प होगा







