देवस्थानम बोर्ड पर बढ़ता बवाल सरकार के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द ! 17 अगस्त के बाद उत्तराखंड में आंदोलन का एलान

देवस्थानम बोर्ड पर बढ़ता बवाल धामी सरकार के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द है!
17 अगस्त के बाद उत्तराखंड में सरकार के खिलाफ आंदोलन का एलान

देहरादून:
देवस्थानम बोर्ड खत्म करने की मांग को लेकर चारधाम तीर्थपुरोहित हक-हकूकधारी महापंचायत समिति ने राज्य सरकार से प्रदेश भर में दो-दो हाथ का ऐलान कर दिया है।
महापंचायत 17 अगस्त के बाद पूरे प्रदेश में धामी सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजाने जा रही है।
समिति के अध्यक्ष श्रीकांत कोटियाल ने कहा है कि प्रदेश सरकार देवस्थानम बोर्ड को निरस्त करने को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी बोर्ड को निरस्त करने की मांग कर चुके हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ने हाई पावर कमेटी बनाकर इसके समाधान करने की बात कही है। जो पंडा पुरोहितों को मंजूर नहीं है।
पंडा पुरोहित समाज दावा कर रहा है कि हम लोग भारतीय जनता पार्टी को सबक सिखाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों का अंडे और टमाटर से स्वागत किया जाएगा। उन्हें काले झंडे भी दिखाए जाएंगे। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, ऊखीमठ, रुद्रप्रयाग, देवप्रयाग, ऋषिकेश और देहरादून में भी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत पंडा पुरोहित हकहकूकधारी समाज के लोग पहले क्रमिक अनशन करेंगे, फिर आमरण अनशन करेंगे। श्रीकांत कोटियाल ने बताया कि द्वारिका पीठ शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने भी देवस्थानम बोर्ड को हिंदू धर्म के खिलाफ बताया है।
बैठक में समिति के लक्ष्मीनारायण जुगरान, राकेश कोटियाल अरविंद कोटियाल आदि थे।

तीर्थपुरोहितों ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से दिया त्यागपत्र

रुद्रप्रयाग में देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग को लेकर भाजपा से जुड़े तीर्थपुरोहितों ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र देना शुरू कर दिया है।
साथ ही मांगपूर्ति न होने पर उग्र आंदोलन के साथ आमरण अनशन की चेतावनी भी दी है।

चुनाव को चंद मा बचे हैं और लगातार देवस्थानम बोर्ड पर बढ़ता बवाल धामी सरकार के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द है।

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