उत्तराखंड : तेरे हाथों को भी कभी इन्हीं हाथों ने थामा था , नादान फिर कैसे सोच लिया तूने , इन हाथों में ताकत की कमी है, अब जब शमशीर उठी है तो ….

रंजीत रावत पर अब हरदा के इस सिपहसालार ने साधा बड़ा निशाना , 

उत्तराखंड कांग्रेस में नए संगठन के गठन और नेतृत्व परिवर्तन जैसी स्थिति के बाद अभी भी अदावत कम होने का नाम नहीं ले रही है पिछले दिनों गणेश गोदियाल जब प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पहली बार कांग्रेस भवन पहुंचे तो रंजीत रावत के एक शेर की बेहद चर्चा रही माना गया कि वो शेर को उन्होंने हरीश रावत को समर्पित किया था
जिसमें उन्होंने कहा था कि कपकपाते हाथों से शमशीर नही पकड़ी  जाती

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साफ तौर पर हरीश रावत और रंजीत रावत के बीच की दूरियां अब खाई में तब्दील होती जा रही हैं ऐसे में अब रामनगर में रंजीत रावत के धुर विरोधी संजय नेगी ने बिना नाम लेते हुए रंजीत रावत पर इशारों इशारों पर फेसबुक से निशाना साधा है संजय नेगी ने अपने फेसबुक पोस्ट पर लिखा कि

#_कँपकँपाते हाथों से जब भी हमारी #_शमशीर उठी है,
#_बगावत करने वालों के ,
सर #_धड़ से अलग करके ही #_लौटी है ।
तेरे #_हाथों को भी कभी इन्हीं हाथों ने #_थामा था ।
#_नादान फिर कैसे सोच लिया तूने ,
इन हाथों में #_ताकत की कमी है।

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