
देव भूमि के लिए पिछले 100 दिन बहुत भारी पड़े है इन 100 दिनों के अंदर लगातार देव भूमि के 7 से अधिक लाल भारत माता की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। एक बार फिर शहीद जवान की ख़बर आई है ।. 
देश के लिए इस परिवार एक इकलौता चिराग ओर उनकी आँखों का तारा लाडला बेटा शहीद हो गया ।
आपको बता दे कि आतंकियों से लोहा लेते हुए रविवार को तीर्थनगरी ऋषिकेश का एक ओर नोजवान देश के लिए शहीद हो गया। उनके शहादत की खबर मिलने के बाद उनके पूरे परिवार में मातम छा गया है। साथ ही उनके गांव में सन्नाटा पसर गया है। आपको बता दे कि ख़बर है कि 28 वर्षीय प्रदीप रावत 2 मार्च को छुट्टी बिताकर वापस अपनी ड्यूटी पर जम्मू-कश्मीर के उड़ी सेक्टर चले गये थे। 
जानकारी अनुसार रविवार सुबह ही प्रदीप ने अपने परिवार के सदस्यों से फोन पर बात की थी और घर का हालचाल जाना था। लेकिन परिजनों को क्या पता था कि वह अपने बेटे से आखिरी बार बात कर रहे हैं। प्रदीप रावत 3 बहनों में इकलौते भाई थे। 1 साल पहले ही प्रदीप की शादी हुई थी और उनकी पत्नी 7 माह की गर्भवती है। शहीद का परिवार मूलरूप से बैराई गांव दोगी पट्टी टिहरी गढ़वाल का रहने वाला है।
अभी हाल ही मे ऋषिकेश के तीन जवान देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। इस शहादत की खबर जैसे ही प्रदीप के घर पहुंची तो उनके परिवार में कोहराम मच गया। इसके अलावा परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि शहीद के पिता कुंवर सिंह और उनके दो चाचा आर्मी से रिटायर हैं।।
बहराल लगातार उत्तराखंड़ के लाल शहीद हो रहे है जिससे हर उत्तराखंडी के आंखों मे आँसू ओर दिलो दिमाग मे अब गुस्से की झलक दिखने लगी है उनका सिर्फ यही कहना है कि जवान चाहे देवभूमि के शहीद हो रहे है या अन्य राज्यों के पर है तो वो सब भारत माता के वीर सिपाही फिर क्यो पीएम मोदी क्यो कोई एक्शन नही लेते । कोई बड़ा कदम क्यो नही उठाते हम कब तक अपने जवानों को यु ही खोते रहेगे । 




