ऋषिकेश: पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश की वजह से गंगा नदी उफान पर है. वहीं, परमार्थ निकेतन के घाट पर बनी भगवान शिव की मूर्ति को छूकर गंगा बह रही है. जिससे देखकर एक बार फिर 2013 में आई केदारनाथ आपदा की यादें ताजा होने लगी हैं. 2013 की आपदा में भी इसी मूर्ति को बहते हुए दिखाया गया था.

पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश की वजह से तराई क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है. गंगा दशहरा से 1 दिन पहले ही गंगा का यह रौद्र रूप देखकर सभी भयभीत हैं. दरअसल, 2013 में आए जल प्रलय में भी गंगा का यही रूप देखा गया था. जिसमें परमार्थ निकेतन घाट पर लगी भगवान शिव की मूर्ति गंगा में जलमग्न हो गई थी. तब ये तस्वीरें सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि इंटरनेशनल मीडिया में भी दिखाई दिया था. अब एक बार फिर यही तस्वीर सामने आ रही हैं. जिसमें गंगा का जलस्तर भगवान शिव की मूर्ति तक पहुंच गया है और मूर्ति को छूकर गंगा बह रही है।

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बता दें कि, गंगा दशहरा के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में गंगा दशहरा के एक दिन पहले पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के चलते गंगा का जलस्तर बढ़ने से श्रद्धालुओं में काफी निराशा हैं. कोरोना की रिपोर्ट लेकर बड़ी संख्या में लोग गंगा दशहरा के मौके पर गंगा स्नान करने पहुंचे हैं. लेकिन अब इस स्थिति में स्नान करना नामुमकिन सा लग रहा है।

माँ गंगा का रौद्र रूप
2013 की तस्वीर

जिला प्रशासन ने गंगा नदी के उफान पर होने के कारण रेड अलर्ट जारी किया है. ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट सहित कई घाट जलमग्न हो गए हैं. ऋषिकेश के चंदेश्वर नगर, त्रिवेणी घाट, गोहरी माफी सहित गंगा किनारों पर अलर्ट जारी करते हुए सभी को सुरक्षित स्थान पर रहने के लिए कहा गया है. इसके साथ ही हरिद्वार में भी प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए गंगा के तट क्षेत्रों को खाली करने के निर्देश दिए हैं. कनखल श्मशान घाट और नीलगिरी में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है.

वहीं, लक्सर में भी प्रशासन ने गंगा के जलस्तर को बढ़ता देख अलर्ट जारी किया है. तहसीलदार और उप जिलाधिकारी के साथ-साथ पुलिस के अधिकारी भी नदी के तटीय क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं.

 

 

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