सीएम TSR इसलिए हैं ख़ास, बंशीधर भगत के बोल पर सीएम ने इंदिरा से मांगी माफी, कहा- आदरणीय इंदिरा हृदयेश बहन जी, आज मैं अति दुखी हूं, महिलाएं हमारे लिए अति सम्मानित व पूज्य

सीएम TSR इसलिए हैं ख़ास
बंशीधर भगत के बोल पर मुख्यमंत्री ने इंदिरा से मांगी माफी, कहा आदरणीय इंदिरा हृदयेश बहन जी, आज मैं अति दुखी हूं। महिलाएं हमारे लिए अति सम्मानित व पूज्या हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से आपसे व उन सभी से क्षमा चाहता हूं जो मेरी तरह दुखी हैं।

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के वायरल हुए एक वीडियो में भगत कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष की उम्र पर आपत्तिजनक टिप्पणी के साथ यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि, वृद्ध नेता प्रतिपक्ष के संपर्क में अब कौन आएगा। डूबते जहाज के संपर्क में कौन आता है।

बता दें कि भगत के इस बयान के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रियाएं आने लग गईं थी। मामला अभी-अभी कोरोना से जंग जीतकर स्वस्थ होकर लौटे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के संज्ञान में आया, तो उन्होंने ट्वीट के जरिये भगत के बयान के लिए नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्रदयेश से माफी मांगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने ट्वीट कर भगत के बयान पर दु:ख जताया और व्यक्तिगत रूप से क्षमा मांगी।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ये मातृ शक्ति का अपमान है ओर
इससे मुझे बहुत दुख और कष्ट हुआ है। किसी पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष पूरी पार्टी का प्रतीक होता है और प्रतिनिधित्व करता है। प्रदेश अध्यक्ष अगर इस तरह की भाषा का प्रयोग करे तो यह उत्तराखंड नहीं पूरे देश में माताओं और बहनों का अपमान है। भारतीय संस्कृति का दावा करने वाले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने जिस तरह से नारी शक्ति का अपमान किया है उसे देश, पहाड़ और उत्तराखंड की नारी बर्दाश्त नहीं करेगी।

प्रदेश की सरकार, प्रधानमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को इसका संज्ञान लेना चाहिए और भगत से स्पष्टीकरण मांगना चाहिए। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की बात करते हो तो अपनी भाषा सुधारो। भाषा जिनकी अशिष्ट होगी, नारियां उनके पास जाने से परहेज करेंगी। घर और बाहर की नारियां नाराज रहेंगी। इस तरह की भद्दी भाषा बोलने की अपेक्षा भाजपा नेतृत्व से नहीं करती हूं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मेरी मांग है कि इसे गंभीरता से लें और इसके लिए भगत से माफी मांगने को कहें।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने माफी मांगते हुए ट्वीट किया है कि, ‘आदरणीय इंदिरा हृदयेश बहन जी, आज मैं अति दुखी हूं। महिलाएं हमारे लिए अति सम्मानित व पूज्या हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से आपसे व उन सभी से क्षमा चाहता हूं जो मेरी तरह दुखी हैं। मैं आपसे व्यक्तिगत बात करूंगा और पुन: क्षमा याचना करूंगा।’

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