बेबाक शिक्षा मंत्री पांडे जी ने शिक्षकों के तबादलों पर बैठा दी जांच, जाने पूरी खबर..


arvind pandey

देहरादून: उत्तराखंड में शिक्षकों के तबादलों में अनियमितता पर शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने तबादलों को निरस्त करने में पक्षपात और तबादला ऐक्ट के तहत गठित मुख्य सचिव समिति के स्तर से हुए तबादलों में मानकों के उल्लंघन की जांच बिठा दी। शिक्षा मंत्री ने निदेशक आरके कुंवर से तीन दिन के भीतर सभी मामलों की रिपोर्ट मांगी है। साथ ही शिक्षा मंत्री ने कड़ा रुख अपनानाते हुए कहा कि, यदि तबादलों में नियमों का उल्लंघन हुआ है तो दोषी अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी और गलत तबादले निरस्त किए जाएंगे।

हाल ही में हाईकोर्ट के आदेश पर कार्यमुक्त किए 12 शिक्षकों ने शिक्षा महानिदेशक और निदेशक को ज्ञापन देकर तबादलों में अनियमितताओं का मामला उठाया है। गोपेश्वर के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत, जोशीमठ के पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रकाश रावत के नेतृत्व में कुछ शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री से मुलाकात की। उन्होंने शिक्षामंत्री को इस मामले में ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में सभी के नाम सहित पूरा ब्योरा दिया गया है।

ज्ञापन में कहा गया कि, मुख्य सचिव समिति से ऐसे लोगों के भी तबादले करा दिए गए हैं जो पात्र ही नहीं हैं। कई शिक्षक शादीशुदा होने के बावजूद तलाकशुदा श्रेणी का लाभ रहे, परित्यकता का भी बिना प्रमाणपत्र के तबादला हुआ, विस्थापित श्रेणी का लाभ उन शिक्षकों को दिया गया, जिनकी थोड़ी बहुत भूमि ही विकास योजनाओं में अधिग्रहित हुई है। साथ ही सरकारी कर्मचारियों के साथ एलआईसी एजेंट, आईएमए,  बीएचईएल और टीएचडीसी कर्मियों के पति-पत्नी के तबादले भी किए गए हैं।

वहीं शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि, किसी भी स्तर पर अनियमितता पाई जाती, तो उसकी जांच के साथ ही कार्रवाई भी की जायेगी।

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