
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत लिखते है कि
पिथौरागढ़ की जनता जनार्दन को मैं, उनके प्यार व स्नेह के लिये, बहुत-2 धन्यवाद देता हॅू। कांग्रेसजनों को भी एकजुट होकर चुनाव लड़ने के लिये बधाई देता हॅू। पार्टी की, जनता की पहली पसन्द वैयक्तिक कारणों से चुनाव नहीं लड़ पायी, मगर जिसको भी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उम्मीदवार बनाया, उसको जिताने के प्रयास में कोई कौर-कसर बाकी नहीं रखी। यदि आप कांग्रेस कार्यकर्ता, अन्तिम दम पर घोषित उम्मीदवार अन्जू लुण्ठी को जीत के करीब तक पहुंचा सकते हैं, एक कड़ी टक्कर पैदा कर सकते हैं, तो आप अभी से यदि लग जायें, तो 2022 में तख्ता पलट भी कर सकते हैं और भरोसा रखें तब तक आपका यह बूढ़ा घोड़ा जो है, घर बैठने वाला नहीं है।
राजनीति के चाणक्य हरीश रावत के इन अल्फ़ाज़ को हल्के मैं स्याद ही कोई राजनीति का ज्ञाता ले। क्योंकि एक तरफ कांग्रेस के लिए ये सँजीवनि जैसे अल्फ़ाज़ है तो उत्तराखंड भाजपा सगठन के लिए अभी से गौर करने वाली बात।





