
उत्तराखण्ड से ख़बर अच्छी है बीमार पहाड़ को राहत दिलाएगी त्रिवेंद्र सरकार 9 जिलो मे आईसीयू
बता दे कि बीमार पहाड़ को राहत देने के लिए ओर आपातकालीन सेवा में मरीजों को अच्छा ओर जल्द इलाज देने के मकसद से त्रिवेन्द्र सरकार नौ जिलों में इंटेंसिव केयर यूनिट यानी कि आईसीयू स्थापित करने का काम करेगी।
जानकारी अनुसार अभी तक राज्य के तीन सरकारी मेडिकल कॉलेजों समेत चार जनपदों के जिला अस्पतालों में आईसीयू की सुविधा है। लेकिन मरीजों की संख्या के हिसाब से आईसीयू में बेड कम पड़ रहे हैं त्रिवेन्द्र सरकार का मकसद है कि हर जिला के अस्पतालों में आईसीयू वार्ड को स्थापित किया जाए जिस पर खुद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत का फोकस है
स्वास्थ्य महकमे ने फिलहाल अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, रुद्रप्रयाग, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, चंपावत, नैनीताल और दून मेडिकल कॉलेज में आईसीयू सेंटर खोलने की कवायद शुरू भी कर दी है।
बता दे कि इन आईसीयू सेंटरों में आधुनिक उपकरणों व अन्य सुविधाओं के लिए विश्व बैंक पोषित और एनएचएम के माध्यम से बजट का प्रावधान भी किया जाना है।
हार्ट अटैक या अन्य गंभीर बीमारियों वाले मरीजों को जिला अस्पताल मैं ही अच्छा इलाज मिल सकेगा अभी दून, हल्द्वानी, श्रीनगर मेडिकल कॉलेजों समेत पिथौरागढ़, पौड़ी, उत्तरकाशी सहित टिहरी में आईसीयू की सुविधा शुरू कर दी गई है। जिसमें पिथौरागढ़ और पौड़ी जिला अस्पताल में हंस फाउंडेशन के माध्यम से आईसीयू वार्ड स्थापित किया गया है।
क्या है आईसीयू क्या होता है यहां क्या होती है यहा सुविधाएं तो आपको बता दे यहा
गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को रखा जाता है।
फिर लगातार कम से कम 24 घण्टे मरीज की बारिकी से देखभाल की जाती है।
आईसीयू वार्ड में वेंटिलेटर, हार्ट मॉनिटर, फीडिंग ट्यूब्स , ड्रेंस और कैथेटर समेत तमाम आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की सुविधा होती है।
बहराल धन्यवाद त्रिवेन्द्र सरकार, बीमार पहाड़ को राहत मिले, पहाड़ी जिलों मैं ही उनका अच्छा इलाज़ हो डॉक्टर पहाड़ चढ़े । ख़ास कर पहाड़ की महिलाओं के लिये अच्छी स्वास्थ्य व्यवस्था हो पहाड़ मैं ,बस यही तो चाहता है आपका पहाड़ ,मेरा पहाड़, हम सबका कुमाऊँ, ओर गढ़वाल।
उम्मीद करते है कि जल्द मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत नेतृत्व मैं पहाड़ के दुःख दर्द की तस्वीर बदलेगी। एक नया पहाड़ हमको दिखाई देगा पर जो काम पिछले 18 सालों मैं नही हो पाया और हम सोचे कि अब एक दम से
चमत्कार हो जाये तो ये भी सोचना गलत है ।
समय जरूर लगेगा हा इतना कह सकते है कि ट्रेन अब सही पटरी पर है। सुभकामनाये सरकार को ।






