
अपने माता पिता का इकलौता चिराग था तुषार , परिवार में पसरा मातम, क्षेत्र में शोक की लहर
देश की रक्षा के लिए जवान अपना सब कुछ न्योछावर कर देते है लेकिन जब उनकी शहादत की अनदेखी हो तो ये कोई बर्दाश्त नही कर पाता है। अलीगढ़ में जट्टारी कस्बा के समीप ग्राम जरेलिया निवासी तुषार अत्री की नेवी भारतीय जल सेना में ड्यूटी पर तैनात गोली लगने से मौत हो गई। गुरुवार की सुबह जब तुषार का शव गांव पहुंचा तो एक एंबुलेंस में दो लोगों के साथ पहुंचा तो लोगों में आक्रोश भड़क उठा और उन्होंने स़ड़क पर जाम लगा दिया। करीब ढाई घंटे बाद अधिकारियों के आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ।
बताया जाता है कि तुषार अत्री पुत्र अशोक सिंह उम्र 19 वर्ष निवासी जरैलिया थाना टप्पल इकलौता पुत्र था। पिता अशोक कुमार साधारण किसान है। तुषार का 2 वर्ष पूर्व नेवी भारतीय जल सेना में सिपाही के पद पर नियुक्ति मिली थी। वर्तमान में कोच्चि केरल भारतीय जल सेना में ड्यूटी पर तैनात था।
तुषार के पिता अशोक सिंह ने बताया कि कोच्चि केरल से भारतीय जल सेना के अधिकारी का फोन आया था कि तुषार की गोली लगने से मौत हो गई है। जब पिता ने दोबारा फोन कर गोली लगने की जानकारी मांगी तो आला अधिकारी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जानकारी देने को कहा। तुषार की मौत की सूचना मिलने पर घर में मातम छा गया। तुषार घर का इकलौता चिराग था जो बुझ गया।







