
सीमा में सैटेलाइट फोन
हाल के कुछ वर्षों से उच्च हिमालय के धारचूला मुन्सियारी विधान सभा में रहने वाले ग्राम सभा के लोग नेटवर्क के लिये लगातार प्रयास कर रहे थै।
ओर आज उनकी समस्या को सरकार ने दूर कर दिया है
जी हा अब पिथौरागढ़ के धारचूला विधान सभा में 49 ग्रामसभा अब सेटेलाइट फोन सेवा का लाभ उठा सकेंगे।
बता दे कि केंद्र सरकार ने सीमांत क्षेत्र में संचार की परेशानी को दूर करने और आपात स्थिति में लोगों को राहत प्रदान करने को ये महत्वपूर्ण सौगात दी है।
आपको बता दे कि पहले ये सुविधा केवल सेना को उपलब्ध कराई गई थी। लेकिन अब दूरदराज के ग्रामीण भी इसका लाभ लेंगे ।
हम सभी जानते है कि आपदाकाल में संचार माध्यम ना होने से अनेकों लोगों को जानमाल का नुकसान उठाना पड़ा है।
बता दे कि राहत कार्य को तैनात *SDRF* के अधिकारियों की पहल सर ( संजय गुज्याल) जी की बदौलत आज ये संभव हो पाया है, कि दुर्गम इलाकों के लोग समय पर इस सुविधा का लाभ उठा पाएंगे
वही आज सीमांत के दुर्गम आपदा प्रभावित दारमा, चौदास वैली के साथ ही संचार विहीन 34 ग्राम सभा के लिए सेटेलाइट फोनों का जिला प्रशासन के माध्यम से धारचूला के ब्लॉक सभागार में वितरण किया गया। प्रथम चरण में 18 ग्राम सभा को फोन वितरित किये गए। अन्य जो गांव अभी छुटे हैं, उनको बाद में सेटेलाइट फोन वितरित किए जाएंगे।
इस फोन के मिलने से ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी तो दिखी पर साथ ही एक मिनट के *12 रुपया* आउटगोइंग और इनकमिंग कि सरकारी तय दरो को लेकर निराशा भी दिखी। लोगों ने सरकार के द्वारा सेटेलाइट फोन दिये जाने पर सरकार का आभार व्यक्त किया।
साथ में क्षेत्रीय जनता की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए,
जनता ने सरकार से गुजारिश की है, कि आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए, कॉल दरों को सस्ता किया जाए।
आपदा काल में सेटेलाइट फोन मिलने से निश्चय ही सीमांत की जनता को लाभ मिलेगा। लेकिन ग्रामीणों के लिए इसका खर्चा उठा पाना भी मुश्किल होगा।
साथ ही प्रतिमाह *1700* का रिचार्ज करने पर ही फोन सेवा बैलेट रहेगी जो कि काफी महंगा है। सरकार को इस और भी ध्यान देने की आवश्यकता है।









