
आरटीआई मै आई पूरी जानकारी !
मुख्यमंत्रियों ने की कितनी घोषणाएं ? कितनी हुई पूरी? कितनी रही अधूरी?
आज आपका उत्तराखंड
20 वे साल से गुजर रहा है
उत्तर प्रदेश से अलग होकर उत्तराखंड अलग राज्य 9 नवंबर 200 को बना है,
ओर तब से अब तक समय समय के उत्तराखंड के मुख्यमंत्रीयो ने 9827 घोषणाएं की है, जिसमें से महज 5103 ही पूरी हो पाई
मीडिया रूपोर्ट्स के अनुसार आरटीआई एक्टिविस्ट तथा समाजसेवी गुरविंदर सिंह चड्डा द्वारा लगाई गई एक आरटीआई के जवाब में मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह महत्वपूर्ण सूचना मिली है
आपको बता दे कि हल्द्वानी निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट गुरविंदर सिंह चड्डा ने पूछा था कि अब तक मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने कार्यकाल में कितनी घोषणाएं की है और कितनी पूरी की है?
मीडिया को चड्डा जी ने बताया कि वह मुख्यमंत्रियों द्वारा क्रियान्वित की जा रही घोषणाओं की स्थिति जानना चाहते थे ताकि जनता उनकी परफॉर्मेंस के बारे में जागरूक हो सके। ओर सच सामने आये
पर जो जानकारी आरटीआई से मिली है वो उनको निराश कर रही है
उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सरकार के काम काज के तीन साल 18 मार्च को पूरे हो रहे है।
मिले आंकड़ों के अनुसार
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 18 मार्च 2017 से अब तक 1977 घोषणा की है। इनमें से 1118 घोषणाएं पूरी हो गई हैं, जबकि 469 लंबित है तथा 390 अपूर्ण है।
कम समय मैं हरीश रावत ने की सर्वाधिक घोषणाएं
वही पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने कार्यकाल 1 फरवरी 2014 से लेकर मार्च 2017 तक सर्वाधिक 3814 घोषणाएं की है, जिनमें से 2201 घोषणाएं पूरी हो चुकी थी तथा 1343 लंबित रही और 270 घोषणाएं पूरी नहीं हो पाई।
इसी तरह से कांग्रेस के ही ( उस दौर मै ) पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने 13 मार्च 2012 से लेकर 31 जनवरी 2014 तक के कार्यकाल में कुल 1340 घोषणाएं की और 678 घोषणाएं पूरी कर पाए थे।
तो भाजपा के भुवन चंद्र खंडूरी ने अपने दूसरे कार्यकाल में 11 सितंबर 2011 से लेकर 13 मार्च 2012 तक मात्र 33 घोषणाएं की लेकिन उन सभी को पूरा किया।
तो वही भाजपा के नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने अपने कार्यकाल 24 जून 2009 से लेकर 10 सितंबर 2011 तक 1140 घोषणाएं की, जिनमें से 458 पूरी हुई। और 251 लंबित ही रह गई और 431 पूरी नहीं हो पाई।
वही आपको बता दे कि अपने पहले कार्यकाल में भुवन चंद्र खंडूरी ने 564 घोषणाएं की थी जिनमें से 303 पूरी हुई और 276 लंबित रहीं जबकि 5 घोषणाएं अपूर्ण थी।
वही खंडूड़ी से पहले कांग्रेस के मुख्यमंत्री स्वर्गीय एनडी तिवारी ने अपने कार्यकाल में 2 मार्च 2002 से लेकर 7 मार्च 2007 तक 895 घोषणा की जिनमें से 312 घोषणाएं पूरी हुई और बाकी अपूर्ण रही।
तो भाजपा के भगत सिंह कोशियारी ने अपने कार्यकाल में 30 अक्टूबर 2001 से लेकर 1 मार्च 2002 तक मात्र 11 घोषणाएं की, लेकिन एक भी घोषणा वो पूरी नहीं कर पाए
तो राज्य के पहले मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी ने 33 घोषणाएं की थी, लेकिन उनकी घोषणाओं के विषय में आरटीआई से कोई जवाब प्राप्त नहीं हो पाया इस तरह की जानकारी आई है






