
उत्तराखंड : दुःखद पहाड़ मै स्कूल से लौट रहे चार साल के मासूम की वाहन से कुचलकर मौत, दो बहनों का था इकलौता भाई। ओर इस वजह से होते है पहाड़ मैं हादसे!
ख़बर दुःखद है हमारे उत्तराखंड के कुंड-ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक यात्री वाहन की चपेट में आने से चार साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई दुःखद
ख़बर लिखे जाने तक पुलिस ने वाहन को सीज कर दिया था साथ ही चालक को हिरासत में लेकर मुकदमा दर्ज हो गया था
तो मासूम के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम किया गया
इस दुःखद घटना के बाद से ही माता-पिता सहित सभी परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है ओर गांव में मातम पसरा हुआ है । बुधवार की सुबह लगभग 8.45 बजे संसारी गांव निवासी किशन सिंह बर्तवाल का चार साल का पुत्र आर्यन अपनी मां का हाथ पकड़कर सड़क किनारे चल रहा था। ओर वह गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता अभियान में प्रतिभाग कर अपनी मां के साथ घर लौट रहा था। इस दौरान अचानक उसने अपनी मां का हाथ छोड़ दिया और उसी दौरान कुंड की तरफ से आ रहे यात्री वाहन (बोलेरो) की चपेट में वो मासूम आ गया
जैसे तैसे बुरी तरह से घायल बच्चे को उसकी मां और चालक ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। थानाध्यक्ष सुबोध ममगाईं भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लेकर वाहन को सीज किया। इसके बाद अस्पताल पहुंचकर शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग भेजा गया।
साथ ही वाहन चालक को हिरासत में लेकर थाना ले गए, जहां उसके विरूद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 279 व 304ए में मुकदमा दर्ज किया गया।
दुःखद है कि किशन सिंह बत्रवाल की तीन संतानों में आर्यन दो बहनों का इकलौता भाई था। वह, राजकीय प्राथमिक विद्यालय संसारी में पढ़ रहा था। ओर इसी साल माता-पिता द्वारा उसे स्कूल में भर्ती किया गया था। प्रत्येक दिन उसकी माता उसे स्कूल छोड़ने व घर लेने आती थी दुःखद है । भगवान मासूम के माता पिता को ये दुःख सहने की शक्ति दे।
तो वही सतेराखाल के नजदीक एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई
जानकारी है कि पीएमजीएसवाई विभाग की लापरवाही के चलते थलासू के पास से 1 एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
बता दे कि इस स्थान पर पिछले 2 महीने पहले ही सड़क के नीचे के भाग का पुस्ता ढह गया था, जिस कारण यह स्थान जानलेवा बना हुआ है।
इस जगह से लगातार गाड़ियों का संचालन होता है लेकिन विभाग के कान में बिल्कुल भी जूं नहीं रेंग रही है जिस कारण आज यहां पर एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
भगवान का शुक्र है कि किसी भी प्रकार के जान माल का नुकसान नहीं हुआ है।
वही स्थानीय लोगों व सामाजिक कार्यकर्ता गम्भीर बिष्ट ने कहा कि इस स्थान पर विभाग को तुरंत ट्रीटमेंट कर देना चाहिए।
वरना कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। बहराल पहाड़ो मैं आये दिन होते सड़क हादसों मैं ये कारण भी प्रमुख है ।जिसके लिए जवाब देही सिस्टम को
फटकार लगनी चाहिए।







