मुन्ना सिंह चौहान ने कहा—धामी सरकार ने गैरसैंण को बयानों तक सीमित नहीं रखा, ग्रीष्मकालीन राजधानी का दर्जा देकर विकास को धरातल पर उतारा


मुन्ना सिंह चौहान ने कहा—धामी सरकार ने गैरसैंण को बयानों तक सीमित नहीं रखा, ग्रीष्मकालीन राजधानी का दर्जा देकर विकास को धरातल पर उतारा

 

 

देहरादून। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस नेताओं द्वारा गैरसैंण (भराड़ीसैंण) विधानसभा सत्र व कार्यमंत्रणा समिति की बैठक को लेकर दिए गए बयानों पर पलटवार करते हुए स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भाजपा सरकार गैरसैंण की गरिमा, जनभावनाओं और पर्वतीय विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कांग्रेस को गैरसैंण के प्रति अचानक उपजे इस ‘घड़ियाली प्रेम’ के बजाय अपने गिरते राजनीतिक वजूद की चिंता करनी चाहिए।

 

चौहान ने कहा कि धामी सरकार ने गैरसैंण को केवल बयानों तक सीमित न रखकर धरातल पर काम किए हैं। भाजपा सरकार ने इसे ग्रीष्मकालीन राजधानी का दर्जा दिया, विकास के लिए बजट का प्रावधान किया तथा सड़क, पेयजल और प्रशासनिक बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जैसे आयोजनों के माध्यम से गैरसैंण को व्यापक पहचान दिलाने का प्रयास किया है।

मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि जब भी राज्य सरकार गैरसैंण में विधानसभा का सत्र आयोजित करती है, तब कांग्रेस नेता चर्चा में भाग लेने के बजाय केवल वॉकआउट, हंगामा और अनर्गल बयानबाज़ी का रास्ता चुनते हैं। मार्च 2026 के बजट सत्र में भी कांग्रेस ने सदन के भीतर और बाहर केवल हंगामा किया। अब 27 और 28 अक्टूबर को होने जा रहे सत्र से पहले भी कांग्रेस जनहित के मुद्दों से भागने के लिए रोज नए बहाने गढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि केवल सत्र की अवधि पर बेवजह विरोध जताने के बजाय कांग्रेस को गैरसैंण के विकास, स्थानीय समस्याओं और जनहित के मुद्दों पर सदन में ठोस और सकारात्मक सुझाव देने चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि गैरसैंण को लेकर सवाल उठाने वाले कांग्रेस नेता यशपाल आर्य और प्रीतम सिंह को अपने पुराने रुख पर भी जवाब देना चाहिए। अगस्त 2025 में दोनों ने विधानसभा की कार्यमंत्रणा समिति से इस्तीफा दिया था, लेकिन आज सत्र की अवधि और बैठक देहरादून में आयोजित करने पर सवाल उठा रहे हैं। चौहान ने स्पष्ट किया कि विधायी एवं प्रशासनिक सहूलियत और सभी दलीय नेताओं की समयबद्ध उपस्थिति के लिए व्यावहारिक निर्णय लिए जाते हैं। कांग्रेस को प्रक्रियात्मक मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय यह बताना चाहिए कि गैरसैंण के विकास के लिए उसने क्या ठोस पहल की। जनता को केवल विरोध नहीं, बल्कि जवाबदेही और धरातल पर परिणाम चाहिए।

भाजपा विधायक ने कहा कि कांग्रेस की तथाकथित परिवर्तन रैलियां पूरी तरह फ्लॉप साबित हो रही हैं। जनसमर्थन न मिलने से घबराए कांग्रेसी नेता अब अपनी विफलता का ठीकरा सरकार और विधानसभा सचिवालय के सिर फोड़ने का असफल प्रयास कर रहे हैं।

श्री मुन्ना सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार द्वारा घोषित विकास योजनाओं और कार्यक्रमों का आकलन उनके वास्तविक धरातलीय क्रियान्वयन के आधार पर होना चाहिए। कम समय का बहाना बनाने वाली कांग्रेस बताए कि जब वह सत्ता में थी, तब उसने गैरसैंण के साथ क्या न्याय किया था? कांग्रेस केवल सड़क से लेकर सदन तक ड्रामा कर सकती है, जबकि भाजपा सरकार गैरसैंण के सर्वांगीण विकास के लिए धरातल पर काम कर रही है। उत्तराखंड की जागरूक जनता कांग्रेस के इस दोहरे चरित्र और भागने की राजनीति को भली-भांति समझती है।

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