किसी अदृश्य शक्ति के इशारे पर आरोप लगाना और फिर उस आरोप को सत्यता की प्लेट में सजाकर परोसना,रिजल्ट ओरिएंटेड अधिकारी बंसीधर तिवारी के मनोबल को नहीं तोड़ सकता…  

किसी अदृश्य शक्ति के इशारे पर आरोप लगाना और फिर उस आरोप को सत्यता की प्लेट में सजाकर परोसना,रिजल्ट ओरिएंटेड अधिकारी बंसीधर तिवारी के मनोबल को नहीं तोड़ सकता…

 

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भारी दबाव,बड़ी चुनौतियां और अपनो की बड़ी साजिशों के बीच भीनी भीनी मुस्कुराहट और सौम्यता के साथ शिक्षा,सूचना और एमडीडीए जैसे अति महत्वपूर्ण विभाग संभालना कोई छोटी बात नही है,किसी अदृश्य शक्ति के इशारे पर आरोप लगाना और फिर उस आरोप को सत्यता की प्लेट में सजाकर परोसना,रिजल्ट ओरिएंटेड अधिकारी बंसीधर तिवारी के मनोबल को नहीं तोड़ सकता,वैचारिक मतभेद होना और आर्थिक हितों का उसमे समावेश हो जाना निर्लज्ता का प्रतीक है,बंसीधर तिवारी जी एक सुलझे हुए,ईमानदार अधिकारी तो है ही बल्कि वो मुख्यमंत्री के मानवीय पहलुओं को भी प्रत्यक्ष रूप से धरातल पर क्रियान्वित करने वाले सक्षम अधिकारी है,उन पर किसी के द्वारा कोई भी आरोप लगाया जाना दुर्भावना से प्रेरित राजनीति का प्रदर्शन करने वाला कुकृत्य है जिसकी भर्त्सना करना ज़रूरी है,ये एक नेकदिल इंसान है।

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