
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश के वित्त मंत्री श्री प्रकाश पंत के आकस्मिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शान्ति तथा शोक संतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने अपने शोक संदेश में कहा कि प्रकाश के रूप में आज उन्होंने अपना छोटा भाई खो दिया है। प्रकाश पंत केवल एक राजनेता के तौर पर नहीं बल्कि आकर्षक व्यक्तित्व के धनी प्रकाश की कमी सदैव खलेगी। सदन में सबको साथ लेकर चलने की उनकी कुशलता, वित्तीय मामलों का ज्ञान और विपक्ष के हर तीखें वार का एक मीठी मुस्कान से जवाब देना, ये सब अब उनकी यादों में रहेगा। शांत, सौम्य और सरल स्वभाव के धनी प्रकाशजी ने अपने लम्बे राजनैतिक जीवन में प्रदेश के गठन और बाद में प्रदेश को एक नई दिशा देने में बड़ी भूमिका निभायी। उनके निधन से प्रदेश एवं हमारे भाजपा संगठन ने एक बहुत बड़ा व्यक्तित्व को खो दिया।

मुख्यमंत्री ने स्व0 प्रकाश पंत के सम्मान में प्रदेश में तीन दिन का राजकीय शोक तथा गुरूवार 6 जून को प्रदेश में एक दिन के राजकीय अवकाश की घोषणा की है।
उत्तराखंड सरकार में वित्त मंत्री प्रकाश पंत का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ टैक्सास के अस्पताल में अंतिम सांस ली। 
बता दें कि वे कुछ दिन पहले ही वे इलाज के लिए अमेरिका गए थे। इससे पहले पंत दिल्ली स्थित राजीव गांधी अस्पताल के आईसीयू में भी कुछ दिन भर्ती रहे थे। उनके आकस्मिक निधन से पिथौरागढ़ समेत पूरे प्रदेश में शोक की लहर है।
सीएम त्रिवेंद्र संभाल रहे थे उनके विभाग
उनकी बीमारी के चलते उनके सभी विभाग मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत संभाल रहे हैं। पंत के विभाग संसदीय कार्य, विधायी, भाषा, वित्त, आबकारी, पेयजल एवं स्वच्छता, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री थे।
पंत सबसे पहले पिथौरागढ़ विधानसभा से 2002 से 2007 तक निर्वाचित हुए थे। बता दें कि हाल में बजट सत्र के दौरान विधानसभा में बजट पेश करते हुए उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रकाश पंत की तबीयत बिगड़ गई थे। जिसके चलते वित्त मंत्री पूरा बजट भाषण भी नहीं पढ़ पाए। बाकी बजट भाषण मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पूरा किया।
ये है उनका प्रोफाइल
नाम प्रकाश पन्त
पिता का नाम मोहन चन्द्र पन्त
माता का नाम कमला पन्त
पत्नी का नाम चन्द्रा पन्त
जन्म तिथि 11.11.1960
स्थाई पता ग्राम खड़कोट, पो.ऑ. पिथौरागढ़, जनपद पिथौरागढ़
शिक्षा स्नातक, डिप्लोमा इन फ़ार्मेसी
सामाजिक यात्रा 1984 सरकारी सेवा में स्वच्छन्द रूप से समाज सेवा न कर पाने के कारण पद से त्यागपत्र दिया और भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
आदर्श पंडित दीन दयाल उपाध्याय
अभिरूचि साहित्य :
एक आवाज ( काव्य संग्रह)
प्रराब्द ( काव्य संग्रह)
एक थी कुसुम ( कहानी )
आदि कैलाश यात्रा ( यात्रा वृतांत )
मैं काली नदी
खेल
राष्ट्रीय निशानेबाजी में रजत पदक (जी०बी मावलंकर शूटिंग प्रतियोगिता कोयम्बटूर वर्ष 2004)
राज्य स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक वर्ष (2004)
भ्रमण चीन, जापान, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ब्राजील, इंग्लैंड, मलेशिया, दुबई, मोरिसस
आत्मकथन नर सेवा, नारायण सेवा
लक्ष्य अंतिम व्यक्ति के जीवन में सुधार लाना
राजनीतिक करियर
-1977 में छात्र राजनिति में सक्रिय, सैन्य विज्ञान परिषद में महासचिव, श.स्नातकोत्तर महासचिव।
-1988 नगर पालिक परिषद पिथौरागढ़ में सदस्य निर्वाचित।
-1998 विधानसभा उत्तरप्रदेश में सदस्य निर्वाचित।
-2001 में प्रथम विधानसभा अध्यक्ष, उत्तराखंड।
-2002 पिथौरागढ़ विधानसभा से सदस्य निर्वाचित।
-8 मार्च 2007 से द्वितीय निर्वाचित सरकार में कैबिनेट मंत्री।
-18 जुलाई 2017 से अब तक चतुर्थ निर्वाचित सरकार में कैबिनेट मंत्री।





