
टिहरी लोकसभा सीट
देहरादून।
आपको बता दे कि इस बार टिहरी लोकसभा सीट की जंग को देश भर में ज्ञान की अलख जगा रहे सुविख्यात संत गोपाल मणि महाराज ने दिलचप बना डाली है अब
तक टिहरी लोकसभा सीट पर सिर्फ भाजपा और कांग्रेस में ही सीधी टक्कर देखी जाती थी
लेकिन इस बार
संत गोपाल मणि के मैदान मे उतरने से ये मुकाबला त्रिकोणीय हो चुका है
ओर संत गोपाल मणि इस बार टिहरी की उपेक्षा को लेकर जनता की अदालत में हैं। वे गौ गंगा और हिमालय की उपेक्षा से आहत होकर संत गोपाण मणि टिहरी संसदीय क्षेत्र से भाग्य आजमा रहे हैं और जनता के बीच पूरे टिहरी लोकसभा में ताबड़तोड़ जनसभाएं कर उनके बीच मे अपनी बात रख रहे है ।

ओर इस दोरान उन्हें जानने और सुनने वालों सैलाब हर जगह उमड़ रहा है।
आपको बता दे कि देश भर में गो कथा के माध्यम से प्रवचन कर आम लोगों में गो सेवा के प्रति पौराणिक मान्यताओं के जरिये चेतना जगा रहे गोपाल मणि का कहना है कि टिहरी क्षेत्र में यह तीनो की चीजे उपेक्षित है और इस पर सरकारों की नजर और नजरिया नही बदला है। उन्होने कहा कि पूरे देश की प्यास बुझाने वाले टिहरी का अधिकांश क्षेत्र प्यासा हे तो विधुत सप्लाई के बाद भी क्षेत्र में अंधकार बना हुआ है। इसके अलावा गो को राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाना चाहिए। गोपाल मंणि के मेदान में उतरने के बाद ये मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के लिए इतना आसान नही है जैसा हर बार रहता था।
इस त्रिकोणीय मुकबाले मै कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह भी पूरे टिहरी क्षेत्र मे ताबड़तोड़ जनसभाएं कर रहे है तो भाजपा की सिटिंग सांसद माला राज्य लक्ष्मी भी प्रचार मे पीछे नही है।

लेकिन संत गोपाल मणि पहली बार किसी राजनैतिक सभा का हिस्सा बने हैं, वे लंबे समय से गो माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर दिल्ली तक पद यात्रा भी कर चुके हैं। संतगोपाल मणि टिहरी संसदीय क्षेत्र के पहाड़ी क्षेत्र के दौरे पर है ओर अब तक 100 से अधिक अलग अलग जगह पर जनसभाएं कर चुके है।
संत हर जनसभाओं मै कह रहे है कि आजतक टिहरी संसदीय क्षेत्र उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता ने इस समय मन बना लिया है कि हम इस समय पहाड़ की आवाज सुनने वाले व्यक्ति को ही चुनेंगे । उनके साथ पूर्व मंत्री व विधायक प्रीतम पंवार व पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष उत्तरकाशी जयेंद्री राणा भी हर सभाओ मै साथ चल रहे है बहराल जनता किसे कितने वोट देगी और किसे टिहरी से संसद तक पहुचायेगी ये तो 23 मई का दिन ही बताएगा पर एक साफ है संत गोपाल मणि जितना भी वोट मिलेगा वो भाजपा की माल राज्य लक्ष्मी के वोट पर डाका होगा।
यानी कि भाजपा के वोट बैंक में सन्त ने सेंध मार ली है ।
इसलिते ये जंग अब त्रिकोणीय मुकबाले की तरफ बढ़ चुकी है।

ओर इस जंग की जीत मे टिहरी लोकसभा सीट के अंतगर्त आने वाली देहरादून की विधानसभाओ के वोटरो का वोट महत्वपूर्ण होगा क्योंकि लभगग 4 लाख से अधिक वोटर यहां से वोट डालेंगे ।ओर जिस को भी राजपुर, मसूरी, केंट, रायपुर, विकासनगर, सहजपुर विधानसभाओ से अधिक वोट मिलेगा उसकी जीत तय मानी जायेगी।

फिलहाल तो 31 मार्च तक संत गोपाल मणि महाराज भाजपा के वोट बैंक को कम करते देखे जा रहे है।







