वोट के लिए बात करिए, झूठ मत फैलाइए’ मुख्यमंत्री धामी का कांग्रेस पर सीधा हमला


वोट के लिए बात करिए, झूठ मत फैलाइए’ मुख्यमंत्री धामी का कांग्रेस पर सीधा हमला

 

भाजपा परिवार ने आज मुख्यमंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में देश का 80वाँ स्वतंत्रता दिवस उमंग एवं उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा, पीएम मोदी के नेतृत्व में देश विकसित होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिस तरह विकास में हम सबका सक्रिय योगदान रहता है, उसी तरह की जागरूकता, समाज में फैलाए जाने वाले नेगेटिव नेरेटिव के विरुद्ध भी होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा अभी कांग्रेस पार्टी के युवराज जो सामंतवादी सोच लेकर पैदा हुए हैं, आप देखिए, कैसे अहंकार की भाषा बोलते हैं। वह सोचते हैं कि एक गरीब माँ का बेटा कैसे देश का प्रधानमंत्री बन गया? इस पर तो केवल हमारा अधिकार है और ये “हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है। उनको गलतफहमी है कि हम ही प्रधानमंत्री बनेंगे, हम ही जो है देश को चलाएंगे, हम ही देश की संसद चलाएंगे।

इसी क्रम में उन्होंने निशाना साधा कि कैसे एक कांग्रेस नेता जिनकी मां खुद दिल्ली की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं, दूसरे की दादी प्रधानमंत्री रह चुकी हैं। लेकिन अपने मंच पर कैसे एक दूसरे को गले मिलते हैं और किस प्रकार से एक दूसरे देश की राष्ट्राध्यक्ष का अपमान करते हैं! महिलाओं का अपमान करना तो इनकी प्राथमिकताओं में हो गया है। इसीलिए तो आज देश के अंदर जो महिलाओं के लिए बिल आ रहा था, उस बिल को इन्होंने पास नहीं होने दिया। इनकी जितनी निंदा की जाए उतनी कम है

 

उहोने कहा, हमसे देश की जनता की, प्रदेश की जनता की अपेक्षाएँ हैं। उत्तराखंड से हमारे प्रधानमंत्री जी का भी बहुत लगाव है। जहाँ अटल जी ने उत्तराखंड बनाया, उनके प्रधानमंत्री रहते हुए उत्तराखंड बना। इसलिए उत्तराखंड का अनवरत विकास चलता रहे, उत्तराखंड लगातार आगे बढ़ता रहे, उत्तराखंड हिंदुस्तान का श्रेष्ठ राज्य बने, यह हमारा ‘विकल्प रहित संकल्प’ है।

 

उन्होंने हल्द्वानी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस के सम्मानित अध्यक्ष खड़गे जी मुझसे कह रहे थे कि में कहता हूँ वे टूरिज्म करने आया हूँ। उन्होंने तंज कसा कि वे टूरिज्म करने नहीं आए तो आप यहां 5 साल लगातार आते? इतनी सारी आपदाएँ आई हैं यहाँ पर, तो कहां थे आप। उनकी भाषा देखिए वह मंच से क्या कह रहे हैं, “मैं तुमको खत्म करने आया हूँ।”

क्या राजनीति में इस प्रकार की शब्दावली होनी चाहिए?

 

खड़गे जी की उम्र, अनुभव का बड़ा सम्मान करते हैं, लेकिन उत्तराखंड को लेकर वे जो आरोप लगा रहे हैं वह उचित नहीं हैं। वहाँ पर विरोध इस बात का हुआ था कि कुछ धार्मिक नारे लगाए गए थे, वह रामलीला का मंचन इस काम का था, वहाँ पर बोतलें लाकर जो है उन पर यूरिन करके छोड़ दिया था, वहाँ पर जो है खराब चीजें डाल दी गई थीं, वहाँ पर धार्मिक उन्माद के नारे लगाए गए थे जो रामलीला के मंच पर नहीं होने चाहिए थे। वहीं जोर देते हुए कहा कि वहां कोई कार्यकर्ता नहीं था, कोई पार्टी पदाधिकारी नहीं था। चूंकि कुछ स्वयंसेवी संगठन, धार्मिक संगठन के लोगों को यह बात अच्छी नहीं लगी और उन्होंने वहाँ पर शुद्धि-हवन यज्ञ किया। जबकि हमारी सरकारों और संगठन ने दलितों की सबसे आगे की पंक्ति में रखने का काम करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी के विचारों को सम्मान और पहचान को संरक्षित करने का काम किया है। जबकि कांग्रेस पार्टी ने तो हमेशा डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी का अपमान किया और संसद में नहीं जाने दिया, बाबू जगजीवन राम जी के साथ अन्याय किया, अपनी पार्टी के अनुसूचित वर्ग के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ अमानवीय व्यवहार किया!

आज यही लोग जातिवाद का झूठा नरेटिव बनाना चाहते हैं क्योंकि इनके पास मुद्दे नहीं हैं। उसके बावजूद भी हम खड़गे जी का सम्मान करते हैं, उनकी आयु का, उनकी वरिष्ठता का, उनके अनुभव का। लेकिन यह नरेटिव बिल्कुल ठीक नहीं है। आप राजनीति करिए, आपको वोट चाहिए तो वोट के लिए बात करिए, लेकिन कांग्रेस पार्टी के लोग झूठ, भ्रम और अफवाह फैलाने में लगे हैं। जिन धार्मिक संगठन के लोगों ने वहाँ पर यज्ञ किया था, उनके खुद के बयान आ गए। उसमें से आधे दलित समाज के ही लोग हैं। क्या संभव है दलित ही दलित का अपमान करेगा ?

उन्होंने कहा, कांग्रेस का एजेंडा स्पष्ट है तुष्टिकरण, वो दीपक के मुहम्मद नाम रखने पर तत्काल मिलते हैं लेकिन दिल्ली दंगोवमें मारे गए उत्तराखंड के दिलबर नेगी और शहीद मोहन चंद्र के परिजनों से मिलने का समय नहीं है। क्यूंकि वे ऐसा करेंगे तो एक खास वोट बैंक उनका नाराज हो जाएगा।

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