
उत्तराखंड :- इनकी भी सुनो सरकार, रोज मौत से जंग लड़ते हैं ये लोग
जान हथेली पर रख नदी पार करने को मजबूर ग्रामीण, 2 साल बाद भी हालत जस की तस
गोपेश्वर। इन ग्रामीणों की भी फरियाद सुनो सरकार, जो रोज मौत से जंग लड़ते हैं कई बार फिसल कर उफनती नदी में जा गिरते हैं, बड़ी मुश्किल से जान बचती है, चोटिल भी हो जाते हैं लेकिन इनकी फरियाद कोई सुनने को तैयार नहीं है। यह मामला है चमोली जिले की निजमूला घाटी का। जहा के निजमूला समेत अन्य गांवों की आवाजाही के लिए लोक निर्माण विभाग के पुल वर्ष 2017 की बरसात में बह गए थे। उस समय ग्रामीणों ने प्रशासन व लोक निर्माण विभाग से पुलों के निर्माण की गुहार लगाई। मगर प्रशासन की बेरुखी के बाद ग्रामीणों ने तब नदी के ऊपर बल्लियां डालकर आवाजाही शुरू की। हालांकि इसके बाद भी ग्रामीण लगातार पुल निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग व प्रशासन से पत्राचार करते रहे।
दो साल बीत गए, मगर अभी तक पुलों का निर्माण नहीं हो पाया है। इस क्षेत्र के लोग काश्तकारी के लिए भी इन बल्लियों के ऊपर जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। निजमूला गांव के निवासी वीरेंद्र सिंह फर्स्वाण का कहना है कि पुल निर्माण न होने के चलते कई बार लोग बल्लियों के ऊपर गुजरते हुए फिसले भी। हालांकि ग्रामीणों की सजगता से अभी तक किसी की जान नहीं गई। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग व प्रशासन की बेरुखी से क्षेत्रवासियों में आक्रोश है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता डीएस रावत ने बताया कि पुलों के निर्माण को यदि प्रस्ताव आया, तो उसके लिए बजट बनाया जाएगा।




