
ख़बर दुःखद है पर भगवान की किर्पा से सबकी जान बच गई वरना बड़ा हादसा हो सकता था किसी को जान भी जा सकती थी ।आपको बता दे कि बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कौडिय़ाला के समीप एक टैक्सी वाहन मंगलवार को अनियंत्रित होकर लगभग 200 मीटर नीचे गंगा नदी के किनारे जा गिरा। इस वाहन में चालक समेत 12 लोग सवार थे।
आपको बता दे कि इस घटना में सभी लोग घायल हो गए। जिसके बाद घटना स्थल में सड़क में पहुंचने के लिए कोई रास्ता न होने पर घायलों को राफ्ट के जरिए कौड़ियाला भेजा गया। फिर यहा से से सड़क मार्ग से उनको उपचार हेतु 108 वाहन और प्राइवेट वाहनों से राजकीय अस्पताल ऋषिकेश भेजा गया है। गनीमत ये रही कि सड़क किनारे क्रश बैरियर तोड़क र वाहन नदी किनारे रेत में गिरा। जिससे बड़ी दुर्घटना होने से बच गई यदि नदी किनारे पत्थर होते, तो बड़ा हादसा हो सकता था। 
आपको बता दे कि मंगलवार सुबह कर्णप्रयाग से ऋषिकेश के लिए निकली टैक्सी कौडिय़ाला से करीब दो किलोमीटर पहले क्रश बैरियर तोड़ते हुए खाई में लुढ़क गई। दुर्घटना की सूचना मिलने पर देवप्रयाग, बछेलीखाल, गूलर और व्यासी से पुलिस और आपदा प्रबंधन टीम मौके पर पहुंची। 
ओर फिर बचाव टीम ने लोगों की मदद से घायलों को खाई से निकालकर राफ्ट के जरिए सड़क तक पहुंचाया। थानाध्यक्ष देवप्रयाग विनोद राणा ने बताया कि वाहन में सवार सभी 12 लोग घायल हुए हैं। उनका ऋषिकेश अस्पताल में उपचार चल रहा है। वाहन में बैठी सवारियों ने बताया कि ऐसा लगा कि जैसे ब्रेक में खराबी आने से वाहन अनियंत्रित हो गया।
इस हादसे में विक्की चौहान निवासी दिगोली मायापुर, गंगा सिंह निवासी वांण देवाल, लक्ष्मण सिंह निवासी चमोली, अर्चना निवासी कणसुल कर्णप्रयाग,कमला देवी व उसका बेटा दीपक निवासी प्रेमनगर कर्णप्रयाग, विनय निवासी सुखतोली, रोशन रावत निवासी उत्तरकाशी, आशीष तोपाल, सूरज निवासी जोशीमठ, प्रमोद नेगी और वाहन चालक पुष्कर निवासी गैरसैंण घायल हो गए।
बहराल भगवान की किर्पा रही कि एक बडा हादास तो हुवा पर ऊपर वाले कि किर्पा से जान बच गई




