
आपको बता दे कि त्रिवेन्द्र रावत कि सरकार ने कही महत्वपूर्ण फैसलों पर कैबिनेट मे मुहर लगाई
आज उत्तराखंड कैबिनेट की अहम बैठक हुई । बैठक में दस प्रस्तावों पर चर्चा के बाद नौ को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया जबकि एक प्रस्ताव स्थगित कर दिया गया।
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के आवास पर सुबह करीब आठ बजे से कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, यशपाल आर्य, मदन कौशिक, वित्त मंत्री प्रकाश पंत और शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे मौजूद रहे। इस दौरान फैसला लिया गया कि प्रदेश में अब अक्टूबर 2005 से भर्ती कर्मचारियों को भी पेंशन का लाभ मिलेगा। सरकार ने इसके लिए सेवानिवृत्ति लाभ 2018 नियमावली में संशोधन किया है। सरकार के इस फैसले से हजारों कार्मिकों को लाभ मिलेगा। साथ ही राजकीय सेवा में एक अक्टूबर 2005 से उत्तराखंड बजट को मान्य करने, राजकोषीय संसाधन निदेशालय में 06 पदों का इजाफा करने का फैसला लिया गया।
वहीं इन्वेस्टर समिट के मद्देनजर कई महत्वपूर्ण फैसलों पर कैबिनेट की मुहर लगी। कैबिनेट ने पंतनगर क्षेत्र की 30 एकड़ जमीन में एरोमा पार्क खोलने के अलावा इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण नियमावली, बायो टेक्नोलॉजी में शोध एवं प्रोत्साहन कार्य के लिए पांच करोड़ के फंड की व्यवस्था, पर्यटन नीति में संशोधन व सितारगंज चीनी मील को पीपीपी मोड पर दिए जाने के फैसला लिया।
इसके अलावा उत्तराखंड इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण सेवा नियमवाली को मंजूरी, ब्याज के उपादान पर 05 साल के लिए एमएसएमई में राहत देने, 10 से 50 करोड़ के बिजली के इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी फ्रीस्टांप शुल्क में भी राहत देने, ईपीएफ में दस साल के लिए 50 फीसद या अधिकतम दो करोड़ का खर्च सरकार की ओर से उठाने का फैसला लिया गया। साथ ही तय किया गया है कि जीएसटी में भी ऐसे उद्योगों को राहत दी जाएगी।
रूट परमिट में आने वाले इलेक्ट्रिक वाहन को प्राथमिकता देने, कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों को छः माह के लिए हजार रुपये का इन्सेंटिव सरकार की ओर से देने, आरोमा पार्क के लिए 500 करोड़ का निवेश का फैसला लिया गया। यह पार्क करीब 30 एकड़ भूमि पर बनेगा। इसमें लगभग 5000 युवाओं को रोजगार मिलेगा। यहां सुगंधित तेल, धूप, अगरबत्ती, पर्फ्यूम, फ्लेवर्ड चाय जैसी वस्तुओं का उत्पादन होगा।
इलेक्ट्रिक वाहन में पहले एक लाख क्रेताओं को पांच साल के लिए छूट देने का भी निर्णय किया गया। साथ ही रेजिस्ट्रेशन फीस में राहत दी जाएगी। तय किया गया है कि बायो टेक्नॉलोजी नीति में रिसर्च करने वालों को सरकार प्रोत्साहन देगी। इसके लिए पांच हजार करोड़ का फंड सरकार ने तैयार किया है। कैबिनेट ने पर्यटन नीति को भी दी मंजूरी दी । भारत सरकार की सभी योजनाओं का इसके तहत लाभ मिलेगा। सितारगंज चीनी मिल को पीपीपी मोड पर देने की कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। बहराल त्रिवेन्द्र सरकार के फैसलों पर अब देखना ये होगा कि कांग्रेस का क्या बयान निकलकर आता है ।





