
रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण जी ने सोमबार को भारत-चीन सीमा पर स्थित नवीढांग पहुंचकर जवानों से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ राज्य सभा संसद का अनिल बलूनी भी मौजूद रहे। रक्षा मंत्री जी ने जवानों को अपने हाथों से नाश्ता परोसा और फिर उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी भी ली खुद जवानों से पूछा 
आपको बता दे किर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण बरेली से हेलीकॉप्टर के जरिए सीधे भारत चीन सीमा स्थित नवीढांग गई। जहां पर उन्होंने सीमा पर तैनात जवानों से मुलाकात की आपको बता दे धारचूला में पहली बार पहुंची रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवानों के बीच जाकर उनकी बात सुनी। उन्होंने जवानों से उनकी समस्याएं पूछते हुए कोई नकारात्मक पहलू होने पर उसे बेहिचक बताने को भी कहा। सीमा छोर में सरहद की रक्षा में जुटे जवान अपने बीच रक्षा मंत्री को पाकर काफी गदगद दिखाई दिए 
आपको बता दे कि कार्यक्रम के अंत मे रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण चाय कार्यक्रम में पहुंची। जहां पर जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान वह सीधे कुमाऊं स्काउट, आर्टिलरी और पंजाब रेजीमेंट, पायनियर, वन आर्चर, 30 मोबाइल कंपनी के जवानों के बीच गई। जहां उन्होंने अपने हाथ से जवानों को नाश्ते की प्लेट परोसी। सबसे पहले उन्होंने कुमाऊं स्काउट के जवानों से समस्याए पूछीं।
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन ने यहां सेना के चिकित्सा शिविर का भी शुभारंभ किया. उन्होंने इस दौरान बताया कि आज से देश मे सेवा सप्ताह शुरू हो रहा है और वो बहुत खुश है कि इस अवसर पर उन्हें धारचूला आकर जवानों से मिलने का सौभाग्य मिला.
उन्होंने बताया कि देश में आयुष्मान भारत सेवा योजना भी शुरू हो रही है, जिससे देश के पांच करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा. इसका सभी राज्यों के साथ एमओयू भी हो गया है. यह योजना विश्व की सबसे बड़ी हेल्थ केयर योजना है. 
वही राज्य सभा सांसद पहाड़ पुत्र अनिल बलूनी ने कहा कि उत्तराखंड के सीमान्त क्षेत्र धारचूला (पिथौरागढ़) में देश की रक्षामंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी के साथ स्वास्थ्य शिविर में सम्मिलित हुआ
उत्तराखण्ड की सीमान्त जनता की स्वास्थ्य समस्या के समाधान के लिये रक्षामंत्री जी की चिन्ता साबित करती है कि मोदी सरकार की कथनी और करनी समान है।
इस अवसर पर क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा, सेना की मेडिकल कोर के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विपिन पुरी सहित अनेक सेना के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
सेवा दिवस के अवसर पर विभिन्न सेवा कार्यों और स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कर सेना ने सीमान्त जनता के बीच इन कार्यक्रमों का आयोजन किया।




