
उत्तराखंड आपदा अपडेट : अभी तक अल्मोड़ा, नैनीताल में छह विदेशी सहित लगभग 600 से अधिक पर्यटक फंसे हुए है घर लौटने का हो रहा इंतजार
आपको बता दे कि उत्तराखण्ड के कुमाऊं मंडल में आई आपदा के बाद अब भी कई रास्ते नहीं खुल सके हैं।
वही मंडल में विभिन्न स्थानों पर 6 विदेशी सहित लगभग 675 पर्यटक फंसे हुए हैं।
जिनके घर लौटने का इंतजार है।
जानकारी है की बागेश्वर के ग्लेशियरों में फंसे 42 पर्यटकों का रेस्क्यू किया गया है।
यहां 6 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
तो पिथौरागढ़ के गुंजी व अन्य गांवों में फंसे 60 लोगों को चिनूक हेलीकॉप्टर की मदद सुरक्षित जिला मुख्यालय लाया गया है।
ओर लगातार हेलीकॉप्टर की मदद से राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
इस समय त्योहारी सीजन में बड़ी संख्या में पर्यटक कुमाऊं में विभिन्न स्थानों पर घूमने आए थे। इस बीच आई भारी बारिश ने भीषण तबाही मचाई। इसकी वजह से कुमाऊं मंडल में कई रास्ते बंद हो गए।
ओर कई स्थानों पर हजारों पर्यटक फंस गए।
वही धीरे-धीरे मौसम सामान्य होने पर राहत एवं बचाव कार्य में तेजी आई है।
वही रास्तों में भारी भूस्खलन की वजह से कई पर्यटक वाहनों को छोड़कर अपने घरों को लौट रहे हैं। जबकि कई पर्यटकों ने अब भी होटल, रिजॉर्ट आदि में शरण ली हुई है।
वही बागेश्वर में बीती 17 और 18 अक्तूबर को लगातार हुई मूसलााधार बरसात से जनपद के पिंडारी, सुंदरढूंगा और कफनी ग्लेशियर सरमूल में छह विदेशी पर्यटकों समेत लगभग 82 लोग फंसे थे।
सुंदरढूंगा ग्लेशियर में चार लोगों के हताहत होने और दो लोगों के लापता होने की भी सूचना है।
प्रशासन की टीमों ने अब तक 42 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। जिले में करीब 305 पर्यटक अब भी फंसे हुए हैं।
तो पिथौरागढ़ के सीमांत में लगभग 120 लोगों के फंसे होने की सूचना है।
उच्च हिमालयी दुग्तू और दांतू गांव में 80 पर्यटक भारी बारिश और हिमपात की वजह से फंसे हुए हैं।
इनमें ज्यादातर मुंबई, कर्नाटक, दिल्ली, केरल, कोलकाता आदि के पर्यटक शामिल हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें अपने घरों में शरण दी हुई है। पर्यटकों ने प्रदेश शासन और स्थानीय प्रशासन से उन्हें हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू करने की गुहार लगाई है।
नैनीताल जिले में भी विभिन्न स्थानों पर लगभग डेढ़ सौ पर्यटक फंसे हैं।
हालांकि जिले में ज्यादातर मार्ग खुलने से बड़ी संख्या में पर्यटक अपने घरों को लौट गए हैं। फिलहाल जो पर्यटक फंसे हैं उनमें ज्यादातर पर्यटक गरमपानी क्षेत्र में फंसे हुए हैं। यहां नेशनल हाइवे की सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुई है। इसे ठीक होने में समय लग सकता है।
अल्मोड़ा : जिले में भी लगभग 200 पर्यटकों के फंसे होने की सूचना है।
यहां लगभग 150 पर्यटक होटल, रिजॉर्ट अथवा 50 होम स्टे में ठहरे हुए हैं। अल्मोड़ा से हल्द्वानी आने वाला मुख्य मार्ग अभी बंद हैं। वैकल्पिक मार्गों से आवाजाही हो रही है। ऐसे में निजी वाहनों से सैर के लिए आये हुए कई पर्यटक यहां फंसे हुए हैं।







