
हल्द्वानी|/ उत्तराखंड
बिजली विभाग की लापरवाही के खिलाफ उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत बैठे धरने पर
पॉस कॉलोनी से हाईटेंशन लाइन हटाकर गांव की सड़क पर हाईटेंशन लगाने का स्थानीय लोग कर रहे हैं थे विरोध ,
विद्युत विभाग के अधिकारियों से बार-बार गुहार के बाद भी कोई नहीं सुनने को तैयार ,
मौके पर पहुंचे बिजली विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों ने कैबिनेट मंत्री से मांगी माफी ,
समस्या का समाधान करने का दिया आश्वासन ,
कैबिनेट मंत्री के धरने से हल्द्वानी से देहरादून तक मचा हड़कंप ,
देर रात तक चलता रहा बिजली विभाग के खिलाफ मंत्री व स्थानीय लोगों का धरना ,
अपनी ही सरकार में धरने पर बैठने को मजबूर मंत्री भगत ,
उत्तराखण्ड में बेलगाम अफसर साही फिर उजागर ।
हल्द्वानी से ख़बर है
शहर के सबसे पॉश कॉलोनी से हाईटेंशन लाइन हटाकर गांव की सड़क पर हाईटेंशन लाइन को लगाने का विरोध स्थानीय लोग कर रहे हैं। इसी तरह की कोशिश गाँव में हुई थी जिसको लेकर ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज की।
बिजली विभाग के अधिकारी भी आए ओर ग्रामीणों का विरोध करने के बावजूद विभाग मनमानी करने लगे। इसी बीच स्थानीय लोगो ने क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत को बुला लिया, मंत्री बंशीधर भगत मंत्री ने बिजली विभाग के अधिकारियों मौके पर फोन करके बुला लिया, इसके साथ ही ग्रामीणों व विभाग की आमने सामने बात कराई।
जिसमें बिजली विभाग की लापरवाही निकल कर सामने आई। इस मामले को लेकर कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत स्थानीय लोगों के साथ धरने पर बैठ गए, वहीं अधिकारियों ने मंत्री बंशीधर भगत से बिजली की हाईटेंशन तार को सही जगह शिफ्ट करने की बात कही, उसके बाद मंत्री बंशीधर भगत धरने से उठे
कुल मिलाकर हल्द्वानी के देवलचौड़ स्थित पॉश कॉलोनी में रहने वाले धन्ना सेठों ने पैसे और पावर के जोर पर ग्रामीणों पर अपना रौब दिखाते हुए बिजली विभाग के तंत्र को ही खरीद डाला था! ग्रामीणों ने जब बिजली विभाग को मदद की गुहार लगाई तो उसका कोई भी फर्क देखने को नहीं मिला। मजबूरन स्थानीय विधायक व कैबिनेट मंत्री को ग्रामीणों द्वारा अपनी पीड़ा बयां करनी पड़ी, जिसके बाद मंत्री ने पक्ष सुनते ही धरने पर बैठने का निर्णय लिया, मंत्री के धरने पर बैठते ही बिजली विभाग में हल्द्वानी से लेकर देहरादून तक हड़कम्प मच गया। विभाग मंत्री को धरने से उठाने की जुगद में जुट गया। फिर क्या था धन्ना सेठों और बिजली विभाग का कोई भी गठबंधित षडयंत्र काम नहीं आ पाया।





