
देहरादूनः उत्तराखंड के गांवों में भी कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ऊधमसिंह नगर जिले में रुद्रपुर के शहरी इलाकों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। रुद्रपुर के भगवानपुर, फौजी मटकोटा, धर्मपुर, मोतीपुर सहित अन्य विकासखंडों के गांवों में कोरोना संक्रमण के कई मामले सामने आ रहे हैं। गांवों में संक्रमित मरीजों की संख्या और अधिक है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना जांच से परहेज करने से कई मरीजों के बारे में पता ही नहीं चल पा रहा है। कोविड-19 के जिला नोडल अधिकारी डॉ. अविनाश खन्ना ने कहा कि तहसीलों में मोबाइल वैन तैनात हैं, जो ग्राम प्रधान व आशा कार्यकर्ताओं की सूचना पर ग्रामीण क्षेत्रों में सैंपलिंग कर रहीं हैं।
पिथौरागढ़ : जिले की 196 ग्राम पंचायतों में कोरोना की दस्तक
पिथौरागढ़ जिले के आठ विकासखंडों में 196 ग्राम पंचायतों में कोरोना पहुंच चुका है। इसके अलावा 100 से अधिक ग्राम पंचायतों में सदी-जुकाम, खांसी और बुखार के मरीज लगातार मिल रहे हैं। विण विकासखंड के 85 ग्राम पंचायतों में 30, मूनाकोट के 72 ग्राम पंचायतों में 13, डीडीहाट के 106 में 16, गंगोलीहाट के 117 में 70, मुनस्यारी के 95 में 45, धारचूला के 62 में चार, कनालीछीना के 92 में छह और बेड़ीनाग के 84 में 12 ग्राम पंचायतों में कोरोना पहुंच चुका है। सीएमओ डॉ.एचसी पंत ने बताया कि जिन गांवों में बुखार और सर्दी जुकाम की शिकायत मिल रही है, उन गांवों में टीम भेजकर सैंपलिंग कराई जा रही है।
चंपावत : दो-तिहाई कंटेनमेंट जोन गांवों में
कोरोना संक्रमण के दो-तिहाई मामले गांवों से आ रहे हैं। जिले में 5888 संक्रमित लोगों में से 3709 (63 प्रतिशत) गांवों और उनके आसपास से हैं। जिले में बने 27 कंटेनमेंट जोनों में से 18 (स्यांला, बमनपुरी, पचपखरिया, दियारतोली, गंभीरगांव, डूंगराबोहरा, स्वांला, दियूरी, नेकाना, बेलखेत, कांडा, ढकना, दियारतोला, सौराई, बकोड़ा, तल्ली खटोली, मल्ली खटोली, मिर्तोला) ग्रामीण क्षेत्रों में हैं।
अल्मोड़ा : 14 ग्रामीण इलाकों में कंटेनमेंट जोन
अल्मोड़ा जनपद के कुल 14 ग्रामीण इलाकों में कंटेनमेंट जोन हैं। इनमें सबसे पहले एक मई को रानीखेत के गघोड़ा गांव को कंटेनमेंट जोन बनाया गया। गांवों में संक्रमण के मामले बढ़ते गए और कंटेनमेंट जोनों की संख्या भी बढ़ती गई। वर्तमान में भनोली तहसील में मकड़ाऊ और डूंगरा, सोमेश्वर में मल्ला और सुपाकोट, भिकियासैंण में भरकेंडा, चौखुटिया में झूड़गा, सल्ट में मेठानी और नैकणा, द्वाराहाट में गांव पाली और नैखोला, स्याल्दे में घरखेत, घुगुती, सुरमोली और सियानगर को कंटनमेंट जोन बनाया गया है। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं और बेहतर किए जाने की जरूरत है।
बागेश्वर : ग्रामीण क्षेत्रों में 750 लोग होम आइसोलेट
बागेश्वर जिले के ग्रामीण इलाकों में तेजी से कोरोना संक्रमण फैला है। गांवों में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए कपकोट के सूपी, बागेश्वर के ढुंगापाटली को माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। जौलकांडे, चौरा समेत तमाम गांवों में कोरोना संक्रमित मिले हैं। कांडा, कपकोट, गरुड़ तहसील के गांवों में संक्रमित मिले हैं। बाहरी क्षेत्र से गांवों में लौटे लोगों में संक्रमण पाया गया है। जिले में 850 संक्रमितों को होम आइसोलेट किया गया है। इनमें से करीब साढ़े सात सौ लोग ग्रामीण क्षेत्रों के हैं।
नैनीताल : बेतालघाट ब्लॉक में 600 से अधिक सक्रिय मामले
नैनीताल जिले के ज्योलीकोट क्षेत्र में कोविड जांच और इलाज के लिए मरीजों को हल्द्वानी व नैनीताल भेजा जा रहा है। यहां अभी तक लगभग 10 से अधिक लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। वहीं भीमताल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हफ्ते में दो दिन कोरोना जांच की जा रही है जबकि यहां नियमित रूप से 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण हो रहा है। जांच रिपोर्ट भी तीसरे दिन उपलब्ध हो जा रही है। भीमताल में 60 से अधिक लोगों में संक्रमण की पुष्टि होने के साथ ही अभी तक दो लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। गरमपानी स्थिति सीएचसी में कोरोना जांच के लिए ट्रूनेट मशीन उपलब्ध है। मशीन में रोजाना 30 लोगों की जांच होती है। पॉजिटिव मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरे गांव के लोगों की आरटी-पीसीआर जांच करवाती है। बेतालघाट ब्लॉक में कोरोना के छह सौ से अधिक सक्रिय मामले हैं, जिन्हें होम आइसोलेट किया गया है। गंभीर स्थिति में मरीजों को गरमपानी के कोविड सेंटर भेजा जा रहा है। भवाली व ओखलकांडा क्षेत्र में भी कोरोना के छह से दस केस रोजाना आ रहे हैं। सभी मरीजों को स्थानीय स्तर पर होम आइसोलेट कर दवाइयां दी जा रही हैं। सीएमओ डा. भागीरथी जोशी का कहना है कि हर क्षेत्र में सीएचसी व पीएचसी प्रभारी अपनी टीमों के साथ कोविड मरीजों के इलाज और संक्रमण की रोकथाम में लगे हुए हैं।
कोरोना वैक्सीन समाप्त, ठप रहा वैक्सीनेशन
हरिद्वार जनपद में कोरोना वैक्सीन समाप्त हो चुकी है। इससे शनिवार को 18 से 44 वर्ष तक लोगों को छोड़कर किसी भी केंद्र पर वैक्सीनेशन नहीं हो सका। जनपद में 45 वर्ष के ऊपर से लोगों के लिए 143 टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं। जिन पर लगातार टीकाकरण चल रहा था। लोगों की ओर से टीकाकरण के लिए उत्साहपूर्वक कोरोना वैक्सीनेशन कराया जा रहा था। अब तक दो लाख 5 हजार 321 लोगों को टीका लगाया जा सका है, लेकिन शुक्रवार को डोज कम रहने पर कोरोना वैक्सीनेशन का कार्य 56 केंद्रों पर ही कराया जा सका। अन्य केंद्रों पर टीकाकरण बंद रहा था। शनिवार को तो एक भी केंद्र पर टीकाकरण कार्य शुरू नहीं हो पाया। इससे केंद्रों पर पहुंचने वाले लोगों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि वैक्सीन आने के बाद लोगों को फिर से टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा।
टिहरी : तीन-चार दिन वैक्सीनेशन के लिए आड़े नहीं आएगी डोज की कमी
टिहरी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहा है। अभी तक 26 गांव मिनी कंटेनमेंट जोन की परिधि में आ चुके हैं। थौलधार ब्लॉक के घोन गांव में 14 मई को 59 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है, जबकि शनिवार को कीर्तिनगर ब्लॉक के ग्राम बगवान 21, देवप्रयाग के ग्राम क्वीली में 18, नरेंद्रनगर के ग्राम आगर में 11, जाखणीधार ब्लॉक के ग्राम चोपड़ा में 24, गेंवली गांव में 43, जौनपुर ब्लॉक के ग्राम सिंजल मेें 18 लोग कोरोना संक्रमित मिले है। उक्त गांवों में खासी, बुखार से पीड़ित अन्य कई लोगों के सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है। गांवों में कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए एक सप्ताह के अंतर्गत जिला प्रशासन 10 गांवों को मिनी कंटेनमेंट घोषित कर चुका है। मिनी कंटेनमेंट गांवों की संख्या बढ़कर अब 26 तक पहुंच चुकी है। सीएमओ डा. सुमन आर्य ने बताया कि 18 से 44 आयु वर्ग के लिए जिले में वैक्सीन की 7 हजार डोज और 45 से अधिक आयु वर्ग के लिए दो हजार डोज उपलब्ध है। अगले तीन-चार दिन के लिए वैक्सीन की डोज की कमी आड़े नहीं आएगी।
सरकारी अस्पताल में वैक्सीनेशन के लिए पहुंचे लोग बैंरग लौटे
डोईवाला में सरकार द्वारा चलाया जा रहे टीकाकरण अभियान की चाल वैक्सीन की कमी के चलते सुस्त हो रही है। पिछले दो दिनों से वैक्सीन का अभाव होने से सरकारी अस्पताल में 45 साल से अधिक आयु के लोगों को टीका नहीं लग पा रहा है। केंद्र पर टीका लगाने आ रहे लोग वापस लौट रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 45 साल से अधिक के लोगों को टीका नहीं लग पा रहा है। कारण केंद्र को वैक्सीन का कोटा नहीं मिल पा रहा है। अभी क्षेत्र में 45 साल से अधिक आयु के लोगों की तादाद भी काफी है, जिन्होंने अभी वैक्सीनेशन नहीं कराया है। औसतन अकेले डोईवाला स्वास्थ्य केंद्र में 150 से अधिक लोगों का वैक्सीनेशन हो रहा था। कोरोना संक्रमण बढ़ने के खौफ से अधिक आयु के लोग घरों में ही है। शनिवार के दिन भी काफी संख्या में लोग टीका लगाने के लिए पहुंचे थे। लेकिन वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने पर वापस लौटने को विवश हो गए।
भानियावाला में 18 साल से अधिक के 146 लोगों ने लगाया टीका
भानियावाला में बनाए गए एकमात्र केंद्र पर 18 साल से अधिक आयु के लोगों का टीकाकरण शनिवार को सुचारु रूप चला। केंद्र पर 150 लोगों के लिए डोज उपलब्ध कराई गई थी। जिसमें से 146 लोगों ने टीका लगाया। भानियावाला के नगर पालिका सभासद ईश्वर रौथाण ने बताया कि केंद्र पर लोगों को सहूलियत देने का प्रयास किया जा रहा है। टीकाकरण में लगे लोगों को सहयोग दिया जा रहा है।
रुद्रप्रयाग जिले में आठ गांवों को बनाया जा चुका कंटेनमेंट जोन
रुद्रप्रयाग जिले में कोरोना संक्रमण के 2100 एक्टिव मामले हैं, जिसमें 75 फीसदी से अधिक गांवों में हैं। अगस्त्यमुनि, ऊखीमठ व जखोली ब्लॉक के कई गांवों में लोग कई दिनों से वायरल व कोरोना संक्रमण से पीड़ित हैं। साथ ही प्रशासन द्वारा भी अभी तक 8 गांवों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया जा चुका है। जिले में प्रतिदिन दो से ढाई सौ संक्रमित मिल रहे हैं।
मणिगुह, डंगवाल गांव, चिलौंड, रुद्रपुर, रामपुर-न्यालसू, नगरासू, मालखी, भटवाड़ी गांव कोरोना संक्रमण से बेहाल हैं। इन गांवों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया जा चुका है। इसके अलावा धनपुर, रानीगढ़, बच्छणस्यूं सहित केदारघाटी के 50 से अधिक गांवों में लोग वायरल फीवर से पीड़ित हैं। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि अगर, इन गांवों में सैंपलिंग की जाए तो सैकड़ों ग्रामीण संक्रमित मिल सकते हैं। दूसरी तरफ जिले में अभी तक कुल 21 सौ कोरोना संक्रमित हैं, जिसमें से 75 फीसदी से अधिक मामले गांवों के हैं। सीएमओ डा. बीके शुक्ला ने बताया कि जिले के ज्यादातर गांवों में कोरेना संक्रमण फैल चुका है। विभागीय टीम द्वारा नियमित सैंपलिंग की जा रही है। दूसरी तरफ 14 से 44 वर्ष और 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का नियमित टीकाकरण हो रहा है। सीएमओ ने बताया कि टीका का पर्याप्त कोटा मौजूद है। प्रतिदिन तीन हजार से अधिक लोगों का टीकाकरण हो रहा है।




