जनादेश/ देहरादून: किराया निर्धारित होने के बावजूद मरीजों और उनके तीमारदारों से मनमानी रकम ऐंठ रहे एंबुलेंस संचालकों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। शनिवार को आरटीओ (प्रवर्तन) संदीप सैनी के आदेश पर दून शहर, ऋषिकेश एवं विकासनगर में परिवहन विभाग की टीमों ने एंबुलेंस और सरकारी व निजी अस्पतालों में किराया सूची चस्पा की। आरटीओ सैनी की ओर से शिकायत के लिए दून, ऋषिकेश व विकासनगर एआरटीओ के फोन नंबर जारी किए हैं और आदेश दिए गए हैं कि प्रशासन की ओर से निर्धारित किराया हर परिस्थिति में लागू कराया जाए। मनमाना किराया लेने वाले संचालकों पर मुकदमा दर्ज कराते हुए उनकी एंबुलेंस सीज की जाए।

जिला प्रशासन की ओर से लंबी कसरत के बाद गुरुवार शाम एंबुलेंस का किराया निर्धारित किया गया था। शुक्रवार सुबह से यह किराया जनपद में लागू हो गया लेकिन इसके बावजूद एंबुलेंस संचालक नहीं मानें और मरीजों व तीमारदारों से अवैध वसूली बदस्तूर जारी रही। ‘दैनिक जागरणÓ ने इस मामले में शनिवार को मरीजों व तीमारदारों की समस्या को उजागर करते हुए समाचार प्रकाशित किया था। इसका संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने आरटीओ संदीप सैनी को प्रवर्तन कार्रवाई के आदेश दिए।

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जिलाधिकारी ने बताया कि एसएसपी को भी समस्त थाने-चौकियों को इस संबंध में निर्देशित करने को कहा गया है। इसी क्रम में शनिवार को परिवहन टीमों ने कैलाश अस्पताल, सीएमआइ, कोरोनेशन अस्पताल, श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल समेत सिनर्जी अस्पताल व दून अस्पताल में पहुंच किराये की सूची चस्पा की। एंबुलेंस में भी किराया सूची चस्पा करते हुए संचालकों व चालकों को हिदायत दी गई कि तय किराया ही वसूल करें। परिवहन टीमों ने अन्य निजी अस्पतालों समेत ऋषिकेश और विकासनगर क्षेत्र के अस्पतालों व एंबुलेंस में भी किराया सूची चस्पा की।

तीन श्रेणी में बांटी गईं एंबुलेंस 

सामान्य एंबुलेंस, बेसिक सपोर्ट एंबुलेंस एवं एडवांस सपोर्ट सिस्टम एंबुलेंस। विभाग ने एंबुलेंस को इन तीन श्रेणी में बांटा है एवं इनमें भी भार के हिसाब से दो श्रेणी बनाई गई हैं। एक श्रेणी 3000 किलो से कम भार वाली जबकि दूसरी इससे ऊपर के भार की है। पहली श्रेणी में वैन व इको समेत बोलेरो एंबुलेंस को रखा गया है जबकि दूसरी श्रेणी में फोर्स कंपनी की एंबुलेंस।

यह है एंबुलेंस का निर्धारित किराया

आदेश के तहत सामान्य एंबुलेंस का 15 किमी तक का किराया 800 रुपये निर्धारित किया गया है। बेसिक सपोर्ट या ऑक्सीजन सपोर्ट एंबुलेंस में 15 किमी तक का किराया 1200 रुपये जबकि एडवांस सपोर्ट सिस्टम एंबुलेंस का इतनी परिधि का किराया 3000 रुपये तय किया गया है। एडवांस सपोर्ट के तहत यह किराया एंबुलेंस में सिर्फ चालक की मौजूदगी का है। अगर एंबुलेंस में नर्सिंग स्टॉफ भी है तो उसका किराया 4000 रुपये और अगर डॉक्टर भी मौजूद होंगे तो उसका किराया 6000 रुपये देना होगा।

एक घंटे के बाद अलग किराया

प्रशासन के मुताबिक 15 किमी के लिए तय किया गया सामान्य, बेसिक सपोर्ट और एडवांस सपोर्ट एंबुलेंस का किराया एक घंटे के लिए और एक तरफ छोडऩे के लिए है। एक घंटे के बाद 15 किमी के लिए सामान्य एंबुलेंस में 200 रुपये प्रतिघंटा और बेसिक सपोर्ट एंबुलेंस के लिए 250 रुपये प्रतिघंटा प्रतीक्षा शुल्क देना होगा। इसके अलावा 15 किमी से अधिक दूरी के सामान्य एंबुलेंस में 18 रुपये प्रति किमी और बेसिक सपोर्ट एंबुलेंस में 20 रुपये प्रति किमी देने होंगे। एडवांस सपोर्ट एंबुलेंस में नर्सिंग स्टॉफ के साथ अधिक किमी के लिए 45 रुपये प्रति किमी और डॉक्टर के साथ 50 रुपये प्रति किमी देने होंगे।

मरीज को उपलब्ध करानी होगी किट

प्रशासन ने आदेश में स्पष्ट किया है कि कोविड मरीज के परिवहन के लिए एंबुलेंस में चालक को पीपीई किट, सैनिटाइजर और मास्क मरीज या फिर उसके तीमारदार को उपलब्ध कराना होगा। मरीज के अनुरोध पर एंबुलेंस में अतिरिक्त संसाधन और जनशक्ति की व्यवस्था एंबुलेंस संचालक को उपलब्ध करानी होगी। इसके लिए अतिरिक्त खर्च की अदायगी करनी पड़ेगी।

यहां करें शिकायत

  • नोडल अधिकारी: आरटीओ संदीप सैनी

मोबाइल नंबर: 7830354847

  • दून शहरी क्षेत्र: एआरटीओ रश्मि पंत

मोबाइल नंबर: 9917244406

  • ऋषिकेश क्षेत्र: एआरटीओ अरविंद पांडेय

मोबाइल नंबर: 9411112151

  • विकासनगर क्षेत्र: प्रवर्तन प्रभारी एसके निरंजन

मोबाइल नंबर: 7906033460

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